दूरस्थ अबूझमाड़ से मरीज को प्राकृतिक आपदाओं के बीच सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया

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नारायणपुर अबूझमाड़ के दुर्गम और घने जंगलों में 29वीं वाहिनी आईटीबीपी के जवानों ने एक बीमार 17 वर्षीय युवती को कठिन परिस्थितियों के बीच सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। बारिश के कारण खराब रास्तों और सीमित परिवहन सुविधाओं के बावजूद जवानों ने रेस्क्यू अभियान चलाकर युवती को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओरछा पहुंचाया।

12 दिनों से स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही थी युवती

अबूझमाड़ के कुमनार गांव की 17 वर्षीय युवती करू पिछले 12 दिनों से अत्यधिक मासिक रक्तस्राव से पीड़ित थी। इसकी जानकारी मिलने पर पोस्ट कुमनार में तैनात आईटीबीपी के जवानों ने तत्काल पहल की।

निरीक्षक संतोष कुमार झा के निर्देश पर युवती का प्राथमिक चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। चिकित्सकीय सलाह के बाद उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओरछा ले जाने की जरूरत बताई गई।

पैदल, मोटरसाइकिल और एंबुलेंस से हुआ रेस्क्यू

मौसम और खराब रास्तों को देखते हुए सहायक उप निरीक्षक रसपाल सिंह के नेतृत्व में 8 जवानों और एक मेडिक्स की टीम बनाई गई। टीम ने करीब 500 मीटर तक पैदल चलकर युवती को आगे मोटरसाइकिल से पहुंचाया।

रेस्क्यू टीम पांच मोटरसाइकिलों के साथ पोस्ट कुमनार से पोस्ट दिवालूर और फिर पोस्ट बोटेर की ओर बढ़ी। बारिश, फिसलन भरे कच्चे रास्ते, घने जंगल और जलभराव के बीच टीम आगे बढ़ती रही।

शाम करीब 5:30 बजे टीम पोस्ट कुदमेल और अबूझमाड़ के बीच स्थित नाले तक पहुंची। इसके बाद जहां तक रास्ता संभव था, वहां से आईटीबीपी की एंबुलेंस के जरिए युवती को ओरछा अस्पताल पहुंचाया गया।

मेडिक्स ने लगातार रखी निगरानी

पूरे अभियान के दौरान आईटीबीपी के मेडिक्स ने युवती की स्थिति पर लगातार नजर रखी। कठिन मौसम और दुर्गम रास्तों के बावजूद युवती को देर शाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओरछा पहुंचाकर भर्ती कराया गया।

अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में आईटीबीपी की इस मानवीय पहल से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली। **युवती के परिजनों ने समय पर मदद पहुंचाने के लिए आईटीबीपी जवानों का आभार जताया।**

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