
रायपुर छत्तीसगढ़ में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर चल रहे विवाद के बीच बुधवार को शिक्षक संगठनों और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बीच हुई बैठक में विभागीय TET आयोजित कराने पर सहमति बनी। बैठक के बाद मंत्री ने अधिकारियों को परीक्षा की प्रक्रिया तैयार करने के निर्देश दिए।
विभागीय TET सामान्य TET से अलग होगी और इसे शिक्षा विभाग के स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इसमें केवल कार्यरत शिक्षक ही शामिल हो सकेंगे।
आंदोलन के बाद हुई बैठक
शिक्षक संगठनों ने 25 अगस्त को प्रदेशभर में TET समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन किया था। इसके बाद सरकार की ओर से शिक्षक नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया गया। बुधवार दोपहर करीब 3 बजे प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात की।
बैठक में शिक्षक संघर्ष मोर्चा, संयुक्त शिक्षक संघ, शालेय शिक्षक संघ और टीचर्स एसोसिएशन समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
TET से पूरी तरह छूट की मांग जारी
शिक्षक संगठनों ने विभागीय TET आयोजित करने के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन उनकी मुख्य मांग अभी भी TET की अनिवार्यता से पूरी तरह मुक्ति की है।
संगठनों का कहना है कि विभागीय TET को लेकर सरकार की ओर से मिले आश्वासन से आंदोलन का एक महत्वपूर्ण मुद्दा आगे बढ़ा है, लेकिन शिक्षकों को सेवा सुरक्षा और पदोन्नति के लिए TET की अनिवार्यता से मुक्त किया जाना चाहिए।
इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
बैठक में TET के अलावा शिक्षकों की सेवा, वेतन, पेंशन, पदोन्नति और भर्ती नियमों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। शिक्षक संगठनों ने अपनी प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं।
इनमें पूर्व सेवा अवधि का पेंशन लाभ, केंद्रीय वेतनमान के समान लाभ, वेतन विसंगतियों को दूर करना, भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन और B.Ed. ब्रिज कोर्स की मांग शामिल है।
शिक्षक संगठनों ने कहा कि विभागीय TET पर बनी सहमति सकारात्मक कदम है, लेकिन बाकी मांगों को लेकर सरकार के साथ आगे भी चर्चा जारी रहेगी।















