
नई दिल्ली भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने गुरुवार को शतरंज की दुनिया में नया इतिहास रच दिया। उन्होंने ग्रैंड चेस टूर का खिताब जीतकर इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय बनने की उपलब्धि हासिल की।
सेंट लुइस में खेले गए फाइनल में प्रज्ञानानंदा का मुकाबला मौजूदा चैंपियन फैबियानो कारुआना से हुआ। क्लासिकल मुकाबलों के बाद भारतीय खिलाड़ी 3-9 से पीछे थे और उन्हें छह अंकों की कमी पूरी करनी थी। इसके बाद प्रज्ञानानंदा ने शानदार वापसी करते हुए दोनों रैपिड गेम जीत लिए और स्कोर 11-9 कर दिया।
रैपिड के बाद ब्लिट्ज में भी दिखाया दम
कारुआना ने पहले ब्लिट्ज गेम में ड्रॉ खेलकर मुकाबले में वापसी की कोशिश की। इसके बाद दूसरे ब्लिट्ज गेम में जीत हासिल कर उन्होंने स्कोर 12-12 से बराबर कर दिया।
निर्णायक दौर में प्रज्ञानानंदा ने शानदार संयम दिखाया और तीसरे ब्लिट्ज गेम में जीत दर्ज कर बढ़त बना ली। अंतिम मुकाबले में उन्हें सिर्फ ड्रॉ की जरूरत थी। उन्होंने तीन बार एक जैसी स्थिति दोहराकर जरूरी ड्रॉ हासिल किया और खिताब अपने नाम कर लिया।
छह मुकाबलों में प्रज्ञानानंदा ने 3 जीत, 2 ड्रॉ और 1 हार के साथ फाइनल अपने नाम किया।
2026 में लगातार बड़ी उपलब्धियां
ग्रैंड चेस टूर की यह जीत प्रज्ञानानंदा के लिए शानदार 2026 अभियान की एक और बड़ी उपलब्धि है। साल की शुरुआत में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद उन्होंने जोरदार वापसी की।
उन्होंने नॉर्वे चेस का खिताब जीता और इस दौरान विश्व के शीर्ष खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया। इसके बाद सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज टूर्नामेंट में भी जीत हासिल की। सिनकफील्ड कप में भी उन्होंने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया।
करीब 1.9 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि
ग्रैंड चेस टूर का खिताब जीतने के बाद प्रज्ञानानंदा को 2 लाख डॉलर यानी करीब 1.9 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिली। इसके साथ ही 2027 ग्रैंड चेस टूर में उनकी जगह भी पक्की हो गई है।
सेंट लुइस में जीत और सिनकफील्ड कप में मजबूत प्रदर्शन के बाद 2026 सर्किट में उनकी कुल पुरस्कार राशि 4,04,354 डॉलर यानी करीब 4 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
प्रज्ञानानंदा ने जीत के बाद इसे अपने करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने के लिए अंत तक संघर्ष और जज्बा बनाए रखना जरूरी होता है और वह इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं।
















