
बिलासपुर शहर में पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। सिटी कोतवाली चौक, खपरगंज, मसानगंज और गोल बाजार इलाके में जमकर पथराव और तोड़फोड़ हुई। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर भी पथराव किया गया, जिसमें थाना प्रभारियों समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
हालात को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू कर दी है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिले के अलग-अलग थानों से करीब 300 से 400 अतिरिक्त पुलिस जवान बुलाकर तैनात किए गए हैं।
पुराने विवाद के बाद बढ़ा तनाव
जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत दो लोगों के बीच पुराने झगड़े को लेकर हुई। इसी दौरान एक व्यक्ति पर पत्थर से हमला किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद घायल व्यक्ति ने अपने समर्थकों को फोन कर मौके पर बुलाया। देखते ही देखते खपरगंज क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया।
कुछ ही देर में सिटी कोतवाली चौक और आसपास के इलाकों में ईंट-पत्थर चलने लगे। सड़क किनारे खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दो दर्जन से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं।
पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल
बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के अनुसार, झड़प में दोनों पक्षों के तीन लोग घायल हुए हैं। वहीं, भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान तोरवा और तारबाहर थानों के टीआई समेत कुछ पुलिसकर्मी भी पथराव की चपेट में आए।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और उपद्रवियों को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया।
CCTV और ड्रोन से उपद्रवियों की पहचान
पुलिस अब हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए CCTV फुटेज, ड्रोन कैमरों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और दूसरे सबूतों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
सोशल मीडिया पर भी निगरानी
घटना के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर बढ़ा दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे भड़काऊ, आपत्तिजनक या विवाद को बढ़ाने वाली पोस्ट और संदेश साझा न करें। ऐसी गतिविधि सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।













