
कवर्धा । झीरम घाटी नरसंहार मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। कवर्धा जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने प्रेस वार्ता के दौरान आरोप लगाया कि जांच में छोटे स्तर के नक्सलियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जबकि घटना में शामिल बड़े नक्सली नेताओं को बचाने की कोशिश की जा रही है।
नवीन जायसवाल ने दावा किया कि झीरम घाटी मामले में जिन नक्सलियों के नाम सामने आए थे, उनमें से कुछ के नाम बाद में हटा दिए गए और इसके बाद उन्होंने आत्मसमर्पण किया। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना से जुड़े पीड़ितों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का अहम हिस्सा होने चाहिए।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने मांग की कि झीरम घाटी मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच कराई जाए और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जाए। उनका कहना है कि जांच का दायरा केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि घटना के पीछे मौजूद पूरी साजिश और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए।
पूर्व विधायक ममता चंद्राकर ने भी मामले में बड़े नक्सली नेताओं से पूछताछ की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि जिन प्रमुख नक्सली नेताओं ने आत्मसमर्पण किया है, उनसे भी झीरम घाटी कांड को लेकर पूछताछ होनी चाहिए। यदि जांच में उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झीरम घाटी नरसंहार एक गंभीर और संवेदनशील मामला है। इसलिए घटना से जुड़े हर पहलू की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि वास्तविक दोषियों की पहचान हो सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके।

















