
बेमेतरा में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्राचार्यों को दिया गया प्रशिक्षण, टीसी के लिए स्कूलों और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत
बेमेतरा । छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल बनाने की दिशा में एक और पहल की जा रही है। अब विद्यार्थियों को स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) प्राप्त करने के लिए सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मिलेगी। इस प्रक्रिया को लागू करने के लिए कलेक्ट्रेट के दिशा सभा कक्ष में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालयों के प्राचार्य और संकुल प्रभारी शामिल हुए।
MBU अपडेट के लिए लगाए जा रहे कैंप
कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशानुसार आयोजित प्रशिक्षण में जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल ने बताया कि जिले के सभी संकुलों में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) के लिए आधार ऑपरेटरों द्वारा कैंप लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने संकुल प्रभारियों और आधार ऑपरेटरों को आपसी समन्वय से कैंप सफल बनाने के निर्देश दिए। साथ ही प्राचार्यों और संकुल समन्वयकों से कैंप स्थलों पर बिजली, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा।
लंबित बायोमेट्रिक अपडेट जल्द पूरा करने के निर्देश
शिक्षा विभाग के प्रोग्रामर निहिल वर्मा ने 5 से 7 वर्ष और 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों के लंबित बायोमेट्रिक अपडेट की संकुलवार और विद्यालयवार जानकारी दी। उन्होंने लंबित मामलों का प्राथमिकता से निराकरण करने और यू-डाइस पोर्टल पर नियमित रूप से जानकारी अपडेट करने के निर्देश दिए।
ऑनलाइन टीसी के लिए सिखाई गई आवेदन प्रक्रिया
ई-जिला प्रबंधक महेन्द्र कुमार वर्मा ने सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन टीसी जारी करने की पूरी प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी अब पोर्टल के जरिए टीसी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
प्रशिक्षण में ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) तैयार करने, डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से ऑनलाइन अनुमोदन और तकनीकी समस्याओं के समाधान की जानकारी दी गई।
आवेदन के लिए जरूरी होंगे ये दस्तावेज
ऑनलाइन टीसी के लिए विद्यार्थी का आधार कार्ड, पालक का आधार कार्ड, अंतिम वर्ष की अंकसूची और पालक का सहमति पत्र सहित निर्धारित दस्तावेज जमा करना आवश्यक होगा।
विद्यार्थियों और पालकों को मिलेगी राहत
इस डिजिटल व्यवस्था से विद्यार्थियों और पालकों को स्थानांतरण प्रमाण पत्र के लिए विद्यालय या सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ऑनलाइन आवेदन और अनुमोदन की प्रक्रिया से कामकाज सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होने की उम्मीद है। खासकर दूसरे विद्यालय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।















