
पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों के समर्थन में 100 से 150 कार्यकर्ताओं ने किया था प्रदर्शन, एंबुलेंस और स्कूल बसें भी जाम में फंसीं
रायपुर। पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों की मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करना भीम आर्मी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भारी पड़ गया। राजधानी के ओसीएम चौक पर मुख्य सड़क जाम कर नारेबाजी करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद, जिला अध्यक्ष देवेंद्र मैरिसा और युवराज ढीढी समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च करने निकले थे कार्यकर्ता
जानकारी के अनुसार, पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर भीम आर्मी के बैनर तले करीब 100 से 150 कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च करने निकले थे। ओसीएम चौक पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारी मुख्य सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ भी नारे लगाए जाने की बात सामने आई है।
एंबुलेंस और स्कूल बसें जाम में फंसीं
प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यातायात बाधित होने से आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस और स्कूली बच्चों को घर छोड़ने वाली बसें भी जाम में फंस गईं।
तूता धरना स्थल जाने की अपील नहीं मानी
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी। उन्हें नवा रायपुर के तूता स्थित निर्धारित धरना स्थल पर जाकर प्रदर्शन करने का आग्रह किया गया, लेकिन प्रदर्शनकारी सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए।
इसके बाद कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, सार्वजनिक मार्ग बाधित करने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने के मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में दर्ज आरोपों पर अंतिम निर्णय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।


















