प्रारूप मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर पुराने मतदाता भी भर सकेंगे फॉर्म-6, निर्वाचन आयोग ने किया स्पष्ट

0
82

पहले से पंजीकृत मतदाताओं पर नहीं होगी दंडात्मक कार्रवाई, आयोग ने दूर किया फॉर्म-6 भरने को लेकर संशय

रायपुर । विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर पहले से पंजीकृत मतदाता भी दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भर सकेंगे। भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल पूर्व में मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के आधार पर आवेदक के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

फॉर्म-6 भरने को लेकर मतदाताओं का संशय दूर

निर्वाचन आयोग के संज्ञान में आया था कि कई ऐसे मतदाता, जिनका नाम पहले मतदाता सूची में दर्ज था, लेकिन वर्तमान प्रारूप सूची में नहीं है, वे दोबारा फॉर्म-6 भरने से हिचकिचा रहे हैं।

दरअसल, फॉर्म-6 में आवेदक को पहली बार मतदाता सूची में नाम शामिल कराने संबंधी घोषणा करनी होती है। ऐसे में पूर्व में पंजीकृत मतदाताओं को आशंका थी कि दोबारा आवेदन करने पर उनकी घोषणा गलत मानी जा सकती है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

आयोग ने इस संशय को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम वर्तमान प्रारूप मतदाता सूची में नहीं है, तो वह नाम शामिल कराने के लिए नया फॉर्म-6 जमा कर सकता है।

दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का दिया हवाला

निर्वाचन आयोग ने अपने स्पष्टीकरण में दिल्ली हाईकोर्ट के 14 अक्टूबर 2026 के फैसले का भी उल्लेख किया है। यह फैसला निलोत्पल दत्ता एवं अन्य बनाम भारत निर्वाचन आयोग एवं अन्य, याचिका संख्या W.P. (C) 14955/2026 से संबंधित है।

आयोग के अनुसार, अदालत ने स्पष्ट किया था कि पहले से मतदाता रहे व्यक्ति द्वारा फॉर्म-6 जमा करना अपने आप में गलत घोषणा नहीं माना जाएगा। इसलिए केवल पुराने पंजीकरण के आधार पर कानूनी कार्रवाई की आशंका नहीं होनी चाहिए

धारा 31 के तहत कार्रवाई नहीं करने के निर्देश

भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को निर्देश दिया है कि किसी आवेदक के खिलाफ सिर्फ इस आधार पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई न की जाए कि उसका नाम पहले किसी मतदाता सूची में दर्ज था।

हालांकि, आवेदन करने वाले व्यक्ति को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसका नाम किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र की वर्तमान मतदाता सूची में पहले से दर्ज न हो। इसके साथ ही आवेदन निर्धारित पात्रता और नियमों के अनुरूप होना आवश्यक है।

मतदाता सूची में नाम जांचने की अपील

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें।

यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में नहीं है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय रहते फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है।

निर्वाचन आयोग के इस स्पष्टीकरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पहले से पंजीकृत होने के बावजूद प्रारूप मतदाता सूची से नाम छूट जाने के कारण कोई भी पात्र नागरिक दोबारा आवेदन करने से न हिचकिचाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here