
प्रतिनिधि सभा की सभी 435 और सीनेट की 35 सीटों पर चुनाव, 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए भी होगा मतदान
वाशिंगटन । अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। इस चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सामने प्रतिनिधि सभा और सीनेट में अपना बहुमत बरकरार रखने की चुनौती है। वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी की नजर कांग्रेस के कम से कम एक सदन में बहुमत हासिल करने पर है।
प्रतिनिधि सभा और सीनेट की सीटों पर मुकाबला
अमेरिका में राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच होने वाले चुनाव को मध्यावधि चुनाव कहा जाता है। इसमें राष्ट्रपति का चुनाव नहीं होता, बल्कि मतदाता कांग्रेस के सदस्यों और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं।
इस बार प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 100 में से 35 सीटों पर मतदान हो रहा है। इसके अलावा 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए भी चुनाव कराए जा रहे हैं।
रिपब्लिकन पार्टी के सामने बहुमत बचाने की चुनौती
मौजूदा स्थिति में रिपब्लिकन पार्टी के पास प्रतिनिधि सभा में 218 सीटें हैं, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 214 सीटें हैं। वहीं, सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी 53-47 के अंतर से बहुमत में है।
चुनाव के नतीजे तय करेंगे कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने कार्यकाल के अगले दो वर्षों में कांग्रेस में कितने मजबूत रहेंगे और उन्हें विधायी फैसलों में कितना समर्थन मिल पाएगा।
महंगाई और आव्रजन जैसे मुद्दे चुनावी बहस में शामिल
मध्यावधि चुनाव को मौजूदा राष्ट्रपति के कामकाज पर जनता की पहली बड़ी राष्ट्रव्यापी प्रतिक्रिया के रूप में भी देखा जाता है। इस बार महंगाई, जीवनयापन की बढ़ती लागत, स्वास्थ्य सेवाएं, आव्रजन और ईरान के साथ जारी संघर्ष चुनावी बहस के प्रमुख मुद्दे हैं।
इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने मध्यावधि चुनाव को अपने दूसरे प्रशासन के शुरुआती 20 महीनों के कामकाज पर जनमत संग्रह बताया था। उन्होंने नागरिकों से अपील की थी कि वे इस तरह मतदान करें, जैसे उम्मीदवार स्वयं वे हों।


















