
कठिया और जेवरा में 5 से 10 प्रतिशत फसल आंशिक रूप से प्रभावित, बीमा लाभ के लिए 72 घंटे के भीतर सूचना देने की सलाह
बेमेतरा । जिले में पिछले दिनों आए अर्नब तूफान के प्रभाव से खरीफ फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए उप संचालक कृषि मोरध्वज डडसेना ने विकासखंड के ग्राम पंचायत कठिया और जेवरा का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेतों में फसलों की स्थिति का जायजा लिया और किसानों को फसल बीमा तथा शासन की राहत योजनाओं की जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान सहायक संचालक कृषि, फसल बीमा कंपनी के प्रतिनिधि, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
5 से 10 प्रतिशत फसल आंशिक रूप से गिरी
निरीक्षण में पाया गया कि दोनों गांवों में लगभग 5 से 10 प्रतिशत फसल आंशिक रूप से गिरी हुई है। किसानों ने भी फसल को कम नुकसान होने की जानकारी दी। वहीं, करीब 85 प्रतिशत फसल अभी अपरिपक्व अवस्था में पाई गई।
खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह
कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी कि जिन खेतों में फसल गिरने के साथ पानी भर गया है, वहां तत्काल अतिरिक्त पानी की निकासी करें। इससे फसल को आगे होने वाले नुकसान से बचाने में मदद मिल सकती है।
वहीं, जिन किसानों ने फसल कटाई के बाद उपज खेत में ही रखी है और बारिश के कारण नुकसान हुआ है, उन्हें 72 घंटे के भीतर फसल बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना देने को कहा गया है, ताकि बीमा लाभ की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
पात्र किसानों को राहत दिलाने के निर्देश
उप संचालक कृषि ने मैदानी अमले को राजस्व विभाग के साथ समन्वय कर प्रभावित किसानों की जानकारी संकलित करने के निर्देश दिए। साथ ही पात्र किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6(4)) के तहत राहत राशि दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन और कृषि विभाग फसलों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। प्रभावित किसानों को शासन की योजनाओं के अनुरूप हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
















