रामकिशुन राम और जुगनी बाई की जिंदगी में फिर से लौटी खुशियाँ

0
17

प्रकृति की मधुर ध्वनियाँ और अपनों की आवाजें जीवन को आनंदमय बनाती हैं, लेकिन सुनने की क्षमता खोने से यह सुख अधूरा रह जाता है। ऐसा ही कुछ हुआ जशपुर जिले के दुलदुला, ग्राम बोईडांड के बुजुर्ग दंपति रामकिशुन राम और जुगनी बाई के साथ। उम्र बढ़ने के साथ उनकी श्रवण शक्ति कमजोर हो गई थी, जिससे उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

रामकिशुन राम ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन देकर बताया कि उन्हें दोनों कानों से स्पष्ट सुनाई नहीं देता, जिसके कारण उन्हें अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने श्रवण यंत्र की माँग की। इसी तरह, जुगनी बाई ने भी अपनी समस्या बताते हुए श्रवण यंत्र के लिए आवेदन दिया, ताकि वह सामान्य जीवन जी सकें।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई की और दोनों को श्रवण यंत्र प्रदान किए। अब रामकिशुन और जुगनी फिर से उन सभी ध्वनियों को सुन सकते हैं, जो उनके जीवन को खुशी और उमंग से भर देती हैं।

श्रवण यंत्र प्राप्त कर दोनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कैंप कार्यालय का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “हमने नहीं सोचा था कि हमारी समस्या का समाधान इतनी जल्दी हो जाएगा। आज हमारे जीवन में फिर से उजाला लौट आया है।” मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा बगिया में स्थापित कैंप कार्यालय जरूरतमंदों को समय पर सहायता प्रदान कर रहा है, जिससे गरीबों और जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।

0Shares

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here