वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए 50 प्रतिशत टैरिफ का उन्हीं की पार्टी की नेता और दक्षिण कैरोलिना की पूर्व गवर्नर निक्की हेली ने विरोध किया है। हेली ने एक लेख के जरिए ट्रंप टैरिफ की खामियां गिनाई हैं। तर्क दिया है कि टैरिफ नीति से भारत-अमेरिका के वर्षों से चले आ रहे मजबूत संबंध प्रभावित होंगे, इस स्थिति के लिए उन्होंने एक शब्द इस्तेमाल किया है- काउंटर प्रोडक्टिव यानि इसका प्रतिकूल असर यूएस पर पड़ सकता है। अमेरिका को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।


निक्की हेली ने कहा कि भारत पर टैरिफ लगाना और उसे कमजोर करने की कोशिश बड़ी गलती होगी। उन्होंने कहा कि भारत का विकास सभी के लिए एक मौके की तरह है। यह चीन की तरह खतरनाक नहीं है। चीन रूस से तेल खरीदने के बावजूद अमेरिका के कड़े प्रतिबंध से बचा हुआ है। उन्होंने कहा, भारत की भारी रूसी तेल खरीद को निशाना बनाकर ट्रंप का कदम सही है, लेकिन साथ ही चेताया कि भारत को साझेदार के बजाय दुश्मन की तरह देखना एक बड़ी—और रोकी जा सकने वाली—गलती होगी।
अमेरिका की न्यूजवीक मैगजीन में हेली ने लिखा, एशिया में चीनी प्रभुत्व के प्रतिकार के रूप में काम करने वाले एकमात्र देश के साथ 25 वर्षों की साझेदारी की गति को रोकना एक रणनीतिक आपदा साबित हो सकती है। हेली का ये कहना कि, भारत के साथ एक बहुमूल्य स्वतंत्र और लोकतांत्रिक साझेदार की तरह व्यवहार किया जाना चाहिए—चीन जैसे विरोधी की तरह नहीं, अमेरिका को समझदारी से काम लेने की नसीहत सरीखा लगता है।
निक्की के इस लेख में भारत को सामरिक तौर पर मजबूत साझेदार के तौर पर प्रोजेक्ट किया गया है। कहा गया है कि भारत अमेरिका के लिए सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण विकल्प बन सकता है। भारत के पास चीन की तरह उत्पादन क्षमता है, जो उन जरूरतों को पूरा कर सकती है। टेक्सटाइल, सस्ते मोबाइल और सोलर पैनल जैसे उत्पाद तुरंत घरेलू स्तर पर बनाना संभव नहीं है।
