
रायपुर ग्रामीण पुलिस ने फर्जी नियुक्ति आदेश जारी कर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने करीब 34 लोगों को झांसे में लेकर लगभग 1.5 करोड़ रुपये की ठगी की।
फर्जी नियुक्ति आदेश कर रहे थे वायरल
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय नवा रायपुर के नाम से परिवहन, राजस्व, पंचायत, वन और स्कूल शिक्षा विभाग में भर्ती संबंधी फर्जी आदेश तैयार किए थे। इन आदेशों में सचिव और उप सचिव के डिजिटल हस्ताक्षरों का दुरुपयोग किया गया था।
फर्जी आदेश व्हाट्सएप के माध्यम से वायरल कर लोगों से नौकरी लगाने के नाम पर पैसे वसूले जा रहे थे।
शिक्षक और क्लर्क निकले आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
- राजेश शर्मा उर्फ राजू (53 वर्ष) — शासकीय शिक्षक, निवासी डोंगरगढ़
- मनोज कुमार श्रीवास्तव (52 वर्ष) — निजी स्कूल में क्लर्क, निवासी डोंगरगढ़
आर्थिक तंगी में रची ठगी की साजिश
पूछताछ में आरोपी राजेश शर्मा ने बताया कि वह कर्ज में डूबा हुआ था। अधिक पैसा कमाने के लिए उसने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की योजना बनाई और अपने साथी मनोज श्रीवास्तव को इसमें शामिल किया।
दोनों आरोपियों ने कंप्यूटर के जरिए फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए और मोबाइल के माध्यम से लोगों तक पहुंचाए।
महिला से लिए थे 1.90 लाख रुपये
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने भिलाई की एक महिला से नौकरी दिलाने के नाम पर 1 लाख 90 हजार रुपये लिए थे, जिसे बाद में वापस कर दिया गया था।
पुलिस ने जब्त किए कंप्यूटर और प्रिंटर
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:
- कंप्यूटर सेट
- मॉनिटर
- सीपीयू
- कीबोर्ड
- माउस
- प्रिंटर
जब्त किए हैं।
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
थाना राखी में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 3(5) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच जारी
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस ठगी में और कितने लोग शामिल हैं।



















