
डायबिटीज में शरीर को पर्याप्त मात्रा में हाइड्रेट रखना जरूरी है। ब्लड शुगर बढ़ने पर बार-बार पेशाब आने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है और डिहाइड्रेशन की स्थिति में ब्लड ग्लूकोज और अधिक बढ़ सकता है। इसलिए डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना महत्वपूर्ण है।
डायबिटीज में कितना पानी पीना चाहिए?
पानी की जरूरत हर व्यक्ति के लिए अलग होती है। यह उम्र, शरीर के वजन, मौसम, शारीरिक गतिविधि और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों पर निर्भर करती है। इसलिए सभी डायबिटीज मरीजों के लिए रोजाना एक ही निश्चित मात्रा तय करना सही नहीं है।
अगर डॉक्टर ने किसी कारण से पानी या तरल पदार्थ की मात्रा सीमित करने की सलाह दी है, तो उसी सलाह का पालन करें।
गर्म या ठंडा, कौन सा पानी बेहतर?
डायबिटीज में गुनगुना पानी पीना जरूरी है, ऐसा साबित करने वाले पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। सामान्य तापमान का पानी भी हाइड्रेशन के लिए ठीक है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पानी पर्याप्त मात्रा में लिया जाए और उसमें अतिरिक्त चीनी न हो।
अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन भी डायबिटीज में मीठे पेय की जगह पानी या बिना कैलोरी वाले पेय को प्राथमिकता देने की सलाह देता है।
पानी पीते समय इन बातों का रखें ध्यान
- दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें।
- बहुत ज्यादा प्यास लगने तक इंतजार न करें।
- मीठे शरबत, सॉफ्ट ड्रिंक और मीठे जूस की जगह पानी को प्राथमिकता दें।
- गर्मी या ज्यादा शारीरिक गतिविधि के दौरान तरल पदार्थ की जरूरत बढ़ सकती है।
- रात में पानी पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है। जरूरत के अनुसार पानी पिएं, हालांकि सोने से ठीक पहले बहुत अधिक पानी लेने से रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना पड़ सकता है।
ध्यान रखें: पानी डायबिटीज की दवा या इलाज का विकल्प नहीं है। ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा, भोजन, व्यायाम और नियमित ग्लूकोज मॉनिटरिंग जरूरी है।



















