भारत के रक्षा निर्यात में 1,600 प्रतिशत से अधिक की भारी बढ़ोतरी

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नई दिल्ली। भारत के रक्षा निर्यात में बीते कुछ वर्षों के दौरान उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली है। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने पूर्वी और मध्य यूरोप के 13 देशों को हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति के मामले में बड़ी छलांग लगाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत इस क्षेत्र में आपूर्तिकर्ताओं की सूची में 28वें स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।

पोलैंड और रोमानिया समेत 13 देशों को भारतीय कंपनियों ने कम से कम 87.2 करोड़ डॉलर मूल्य के रक्षा-संबंधी सामान का निर्यात किया। इसमें आर्टिलरी शेल, मोर्टार राउंड, प्रोपेलेंट और विस्फोटक जैसे उत्पाद शामिल हैं। युद्ध से पहले के वर्षों की तुलना में इस निर्यात में 1,600 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

यूरोप में बढ़ी हथियारों की मांग

फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद यूरोपीय देशों में हथियारों और गोला-बारूद की मांग बढ़ी। ऐसे में कई देशों ने अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए नए आपूर्तिकर्ताओं की तलाश की। भारतीय रक्षा कंपनियों को भी इस बदले हुए माहौल का लाभ मिला और यूरोपीय बाजार में उनकी पहुंच बढ़ी।

भारतीय गोला-बारूद यूक्रेन तक पहुंचने की रिपोर्ट

भारत का कहना है कि वह सीधे यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति नहीं करता। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय मूल के कुछ गोला-बारूद यूरोपीय खरीदारों के माध्यम से यूक्रेन तक पहुंचे हैं। इस मामले में प्रत्यक्ष निर्यात और तीसरे देशों के जरिए होने वाली आपूर्ति के बीच अंतर महत्वपूर्ण है।

वैश्विक रक्षा बाजार में बढ़ती भूमिका

भारत के रक्षा निर्यात में आई यह तेजी वैश्विक हथियार बाजार में देश की बढ़ती मौजूदगी को दर्शाती है। इससे भारत के सामने एक ओर रक्षा उत्पादन और निर्यात बढ़ाने के अवसर हैं, वहीं दूसरी ओर रूस के साथ पुराने संबंधों और बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरणों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी है।

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