
अंबिकापुर सड़क दुर्घटना में तीन युवकों की मौत के बाद गुस्साई भीड़ ने डायल-112 पुलिस टीम पर हमला कर दिया। भीड़ ने मौके पर पहुंचे आरक्षक और चालक के साथ मारपीट की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने चार नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हादसे में गई तीन युवकों की जान
घटना 19 जून की रात सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र के प्रतापपुर-सेमरसोत मार्ग स्थित रामपुर इलाके की है। जानकारी के अनुसार, रूपचंद पैकरा (18), रवि पैकरा (16), ओमप्रकाश पैकरा (15) और अरमान पैकरा (17) एक बाइक पर सवार होकर शादी समारोह में जा रहे थे। इसी दौरान उनकी तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई।
हादसे में रूपचंद, रवि और ओमप्रकाश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अरमान गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने ट्रक में आग लगा दी।
घायलों को लेने पहुंची पुलिस टीम पर हमला
सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया। इसी दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया।
आरोप है कि भीड़ ने आरक्षक निशांत टोप्पो की वर्दी फाड़ दी और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। वहीं चालक विजय कुमार पटेल के साथ भी मारपीट की गई। बाद में आसपास के लोगों की मदद से दोनों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।
कई आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
आरक्षक की शिकायत पर पुलिस ने मुकेश, मोहर साय, सिजय पैकरा, नरेश, संतोष पैकरा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपियों की तलाश जारी है।
ग्रामीणों ने लगाया पुलिस पर आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की चेकिंग और ट्रक को रोकने की कार्रवाई के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि डायल-112 टीम केवल सूचना मिलने पर ही मौके पर पहुंचती है और हादसे के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराना गलत है।
पुलिस ने कार्रवाई का दिया भरोसा
एसडीओपी अनूप एक्का ने कहा कि पुलिस टीम पर हमला गंभीर अपराध है। आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।



















