
तकनीकी नवाचार, रचनात्मकता, कला, और सांगितिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के बहुमुखी विकास को मिलेगा मंच
रायपुर। छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीजीआईटी), रायपुर में विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने, तकनीकी कौशल को प्रोत्साहित करने तथा उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से चार दिवसीय सांस्कृतिक एवं तकनीकी महोत्सव 2026-27 “आवेश” का आयोजन 27 से 30 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। इस महोत्सव में 1500 से अधिक विद्यार्थियों के भाग लेने की संभावना है। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी दक्षता, रचनात्मक सोच, सांस्कृतिक अभिरुचि, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। महोत्सव में तकनीकी और सांस्कृतिक गतिविधियों का समन्वय इसकी प्रमुख विशेषता होगी। तकनीकी प्रतिस्पर्धाओं के अंतर्गत हैकाथॉन, आइडियाथॉन (शार्क टैंक), रोबो रेस, रोबो सॉकर, टेक्निकल क्विज, मेगा स्ट्रक्चर रीबिल्डिंग, टेक मीम प्रतियोगिता, ई-स्पोर्ट्स और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग करने, नई समस्याओं के समाधान खोजने, नवाचार को बढ़ावा देने तथा आधुनिक तकनीक के प्रति अपनी समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।
सांस्कृतिक गतिविधियों में एकल एवं समूह गायन, नृत्य, रंगोली, चित्रकला, फोटोग्राफी, मेहंदी सहित विभिन्न रचनात्मक विधाओं को स्थान दिया गया है। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनकी अभिव्यक्ति क्षमता, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित करना है। इस प्रकार महोत्सव केवल प्रतिस्पर्धाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करेगा।
बहुमुखी विकास को मिलेगा प्रोत्साहन
आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थियों के लिए केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान अर्जित करना पर्याप्त नहीं है। तकनीकी दक्षता के साथ संवाद कौशल, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता, अनुशासन और सामूहिक रूप से कार्य करने की क्षमता भी अत्यंत आवश्यक है। सीजीआईटी रायपुर का यह महोत्सव विद्यार्थियों को इन्हीं विविध क्षमताओं के विकास के लिए एक व्यापक मंच उपलब्ध कराएगा। हैकाथॉन और आइडियाथॉन जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को नए विचार प्रस्तुत करने, नवाचार की संभावनाओं को पहचानने और अपने विचारों को व्यावहारिक स्वरूप देने के लिए प्रेरित करेंगी। रोबोटिक्स तथा तकनीकी प्रतियोगिताएं उनकी समस्या-समाधान क्षमता और तार्किक सोच को विकसित करने में सहायक होंगी। वहीं, गायन, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, भावनात्मक अभिव्यक्ति और रचनात्मक दृष्टिकोण को मजबूत करेंगी।
महोत्सव के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में सहभागिता विद्यार्थियों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना अपनाने, अपनी क्षमताओं का आकलन करने और दूसरों के अनुभवों से सीखने का अवसर भी देगी। आयोजन की विशेषता यह होगी कि तकनीकी शिक्षा के साथ कला, संस्कृति और व्यक्तिगत विकास को भी समान महत्व दिया जाएगा।
विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से साकार होगा आयोजन
महोत्सव के सफल संचालन के लिए महाविद्यालय स्तर पर विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। विभिन्न तकनीकी एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के लिए संकाय प्रभारियों, विद्यार्थी समन्वयकों और स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। इस व्यवस्था में विद्यार्थियों की भागीदारी आयोजन का महत्वपूर्ण पक्ष है। विभिन्न सेमेस्टर के विद्यार्थी प्रतियोगिताओं में सहभागिता करने के साथ-साथ आयोजन की व्यवस्थाओं में भी योगदान देंगे। इससे उनमें जिम्मेदारी निभाने, समन्वय स्थापित करने, समय प्रबंधन और समूह में कार्य करने जैसे व्यावहारिक कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा। सभी तकनीकी प्रतियोगिताए २८ अक्टूबर को आयोजित की जाएगी और २९ एवं ३० अक्टूबर को साँस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा जिसमे ओपन स्टेज में महाविद्यालय के नृत्य क्लब नटराज द्वारा विशेष नृत्य मंचन किया जायेगा और महाविद्यालय के सांगीतिक क्लब सुरभि समूह के द्वारा लाइव बैंड शो प्रस्तुत किया जायेगा, इसी कड़ी में फोटोग्राफी क्लब पिक्सल के द्वारा चित्र प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी साथ ही कुछ डाक्यूमेंट्री फिल्म और वीडियो का प्रदर्शन होगा |
समन्वयक ने मीडिया को दी आयोजन की जानकारी
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. श्वेता चौबे, प्रध्यापक एवम विभागाध्यक्ष बेसिक साइंसेस एवं हयूमैनिटिज़ ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस 4 दिवसीय टेक्नो-कल्चरल फेस्ट में सांस्कृतिक एवं तकनीकी महोत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक गतिविधियों से आगे बढ़कर अपनी प्रतिभा और क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रतिस्पर्धाओं, नवाचार आधारित गतिविधियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों के बहुमुखी विकास को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने, नए विचारों को प्रोत्साहन देने, रचनात्मकता विकसित करने और टीम भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महोत्सव विद्यार्थियों को अपनी रुचि के क्षेत्र में आगे बढ़ने, अन्य विद्यार्थियों से सीखने और अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने का अवसर देगा। उन्होंने आयोजन में अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों को दीं शुभकामनाएं
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एम. आर. खान ने महोत्सव में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे पूरे उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक भावना के साथ सहभागिता करने की अपेक्षा की है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा का सर्वोत्तम प्रदर्शन करने, नई चीजें सीखने तथा प्रत्येक गतिविधि को अनुभव और विकास के अवसर के रूप में लेने के लिए प्रेरित किया। प्राचार्य की ओर से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया है कि प्रतियोगिताओं में सफलता के साथ-साथ सहभागिता, ईमानदार प्रयास, आपसी सहयोग और सीखने की भावना भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। महोत्सव विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करने का अवसर प्रदान करेगा।
तकनीकी शिक्षा के साथ रचनात्मकता का संगम
सीजीआईटी रायपुर का चार दिवसीय सांस्कृतिक एवं तकनीकी महोत्सव विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन में उत्साह, नवाचार और रचनात्मकता का नया आयाम जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। तकनीकी प्रतियोगिताओं से लेकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक, विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा के विविध पक्षों को सामने लाने का अवसर मिलेगा। 27 से 30 अक्टूबर तक आयोजित होने वाला यह महोत्सव विद्यार्थियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, सहयोग, सांस्कृतिक सहभागिता और तकनीकी नवाचार की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ महाविद्यालय में एक जीवंत और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण निर्मित करने में भी योगदान देगा। यह आयोजन तकनीकी शिक्षा और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए विद्यार्थियों के बहुमुखी विकास को केंद्र में रखेगा।


















