रायपुर । छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत आज से किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो गई। पहले दिन ही रायपुर जिले में 4 ग्रामीण कृषि विकास अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज होने की खबर सामने आई है, जो धान उपार्जन में ड्यूटी लगने के बावजूद काम नहीं कर रहे थे। अधिकारियों की अनदेखी के चलते राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ कलेक्टर गौरव सिंह के निर्देश पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है। सूत्रों के अनुसार, सहकारी समितियों के कर्मचारी चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंशिक
हड़ताल पर थे, जिससे धान खरीदी प्रभावित होने की संभावना थी। इस पर शासन ने अत्यावश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम, 1979 (ESMA) के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिसूचित कर तत्काल प्रभाव से लागू किया। ऐसा करने से उपार्जन प्रक्रिया निर्बाध रूप से संचालित की जा सके।
धान खरीदी के पहले दिन प्रदेश के 195 उपार्जन केन्द्रों में 19,464 क्विंटल धान का उपार्जन किसानों से किया गया। राज्य के कुल 2,739 उपार्जन केन्द्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर दी गई हैं। सहकारिता विभाग के कर्मचारियों द्वारा आंशिक हड़ताल के बावजूद आउटसोर्सिंग के माध्यम से 2,739 डेटा एंट्री ऑपरेटरों की व्यवस्था की गई, जिससे खरीदी सुचारू रूप से संचालित रही। इस वर्ष धान खरीदी को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-उन्मुख बनाने के लिए उपार्जन केन्द्रों में ऑनलाइन टोकन और ‘तुंहर टोकन’ प्रणाली को व्यापक रूप से लागू किया गया। पहले दिन जारी 2,029 टोकनों में से 1,912 किसानों ने तुंहर टोकन के माध्यम से आवेदन किया। लघु एवं सीमांत किसानों को अधिकतम 2 टोकन, जबकि दीर्घ किसानों को अधिकतम 3 टोकन की सुविधा दी गई।
उपार्जन केन्द्रों में नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। किसानों की सुविधा के लिए छाया, पीने का पानी, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सभी केंद्रों में सुनिश्चित की गई है। केंद्रों में नोडल अधिकारी का नाम और संपर्क नंबर प्रदर्शित किया गया है, जिससे किसी भी असुविधा की स्थिति में किसान तुरंत संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही प्रदेश स्तर पर हेल्पलाइन 1800 233 3663 के माध्यम से शिकायतें और जानकारी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस वर्ष धान खरीदी पूर्णत: आधार आधारित है। किसानों को बायोमेट्रिक पहचान के माध्यम से धान विक्रय करने की सुविधा है। खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और अनियमितताओं पर नियंत्रण के लिए राज्य स्तरीय उड़नदस्ते गठित किए गए हैं, जो लगातार उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया गया है। सभी केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों से धान तौलने की व्यवस्था है, जिससे किसानों को उनके धान का उचित मूल्य मिल सके। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता हो, और उपार्जन कार्य को व्यवस्थित, समयबद्ध और पारदर्शी रूप से संचालित किया जाए। इस प्रकार छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का पहला दिन सफल और व्यवस्थित रहा, बावजूद इसके कि कुछ अधिकारी ड्यूटी से अनुपस्थित थे। शासन ने FIR दर्ज कर ESMA लागू करने की
























