
मौत की आहट! जांजगीर के स्टील प्लांट में दहकते लावे का रिसाव, श्रमिकों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
जांजगीर-चांपा/रायपुर, 27 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में स्थित एक बड़े स्टील प्लांट में शुक्रवार को एक खौफनाक मंजर देखने को मिला। ग्राम हथनेवरा स्थित मेसर्स- प्रकाश इण्डस्ट्रीज लिमिटेड में 24 अप्रैल की दोपहर एक भीषण औद्योगिक दुर्घटना होते-होते रह गई। प्लांट के इंडक्शन फर्नेस से पिघली हुई धातु (लावा) के रिसाव के कारण अफरा-तफरी मच गई, लेकिन गनीमत यह रही कि किसी भी जान का नुकसान नहीं हुआ।
कैसे हुआ हादसा?
हादसे के वक्त 15 टन क्षमता वाले इंडक्शन फर्नेस में धातु को गलाने की प्रक्रिया चल रही थी। दोपहर करीब 2:30 बजे अचानक फर्नेस की कॉइल में छेद हो गया, जिससे पानी रिसने लगा। जैसे ही यह पानी धधकती हुई पिघली धातु के संपर्क में आया, वहां तेज धमाका हुआ। साथ ही फर्नेस की अंदरूनी लाइनिंग टूटने से लावा बाहर की ओर बहने लगा।
6 जांबाज कर्मचारियों ने बचाई जान
जिस समय यह घटना हुई, वहां 6 श्रमिक ड्यूटी पर तैनात थे। पिघली धातु और तेज आवाज को देखकर घबराने के बजाय, कर्मचारियों ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने तुरंत मुख्य बिजली सप्लाई बंद की और फर्नेस को ठंडा करने की प्रक्रिया शुरू की। उनकी इस त्वरित प्रतिक्रिया की वजह से ही एक बड़ा ‘ब्लास्ट’ टल गया और सभी सुरक्षित बच गए।
प्रशासन की कड़ी कार्रवाई: यूनिट सील
घटना की खबर मिलते ही औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि प्लांट में सुरक्षा मानकों (Safety Standards) की अनदेखी की जा रही थी। विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए:
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संबंधित फर्नेस (E-1) को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
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प्लांट प्रबंधन को ‘कारण बताओ नोटिस’ थमाया गया है।
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निर्देश दिए गए हैं कि जब तक सभी सुरक्षा कमियां दुरुस्त नहीं हो जातीं, फर्नेस का संचालन शुरू नहीं होगा।
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।


















