
रायपुर हज़रत सैयद चांद शाह वली रहमतुल्लाह अलैह तीन मजार का सालाना उर्स पाक इन दिनों श्रद्धा और अकीदत के साथ मनाया जा रहा है। उर्स में बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचकर दुआ और मन्नतें मांग रहे हैं।
शाही चादर और संदल जुलूस निकला
उर्स पाक की शुरुआत शाही चादर और संदल जुलूस के साथ हुई। यह जुलूस शहर के विभिन्न इलाकों से होते हुए आस्ताने पहुंचा, जहां चादरपोशी की रस्म अदा की गई और अमन-चैन तथा खुशहाली की दुआ मांगी गई।
उलेमाओं ने दिया नेक अमल का संदेश
आस्ताने में आयोजित तकरीर में मौलाना तौकीर जिया जामई ने कहा कि जहां खुदा की हम्द और सना होती है, वहां रहमत बरसती है। उन्होंने लोगों से नेक आमाल अपनाने की अपील की।
वहीं शहर काजी मौलाना कारी इमरान ने सब्र, अच्छे व्यवहार और गुनाहों से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इंसान को सही राह दिखाने के लिए गुरु का सानिध्य जरूरी है।
कव्वालियों से सजा महफिल का समां
उर्स में अब्बास कादरी ग्रुप ने नात पेश की, जबकि युवा कव्वाल असलम रायपुरी ने अपनी कव्वालियों से महफिल में समां बांध दिया।
“जब पुकारो मेरे मौला को पुकारो”, “मैं बलिहारी जाऊं चांद शाह बाबा के” जैसे कलामों पर जायरीन देर रात तक झूमते रहे।
कौमी एकता की मिसाल बना उर्स
उर्स में सभी धर्मों के लोग शामिल होकर अपनी आस्था व्यक्त कर रहे हैं। यहां लंगर और तबर्रुक का वितरण किया जा रहा है तथा दरूद और कुरानखानी का आयोजन भी जारी है।
आयोजकों के अनुसार उर्स रविवार तक चलेगा, जिसमें दस्तारबंदी की रस्म भी अदा की जाएगी।



















