
अंबिकापुर संरक्षित वन भूमि पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर महामाया पहाड़ स्थित रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में शुक्रवार सुबह से बेदखली अभियान चलाया जा रहा है।
बुलडोजर से हटाया जा रहा अतिक्रमण
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पक्के और कच्चे मकानों को बुलडोजर से हटाया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
200 एकड़ वनभूमि पर कब्जे का आरोप
जानकारी के अनुसार डबरी पानी, घुटरापारा और नवागढ़ क्षेत्र में करीब 200 एकड़ संरक्षित वन भूमि पर पिछले कई वर्षों से अवैध कब्जा किया गया था। आरोप है कि कब्जाधारियों ने मकान बनाने के साथ खेती-बाड़ी भी शुरू कर दी थी।
शिकायत के बाद तेज हुई कार्रवाई
भाजपा नेता और नगर निगम पार्षद आलोक दुबे ने सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और वन विभाग तथा जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने अभियान शुरू किया।
मौके पर मौजूद रहे अधिकारी
कार्रवाई के दौरान एसडीएम, तहसीलदार, डीएफओ सरगुजा और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि संरक्षित वन क्षेत्र को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।
पहले जारी किए गए थे नोटिस
वन विभाग की ओर से मार्च 2026 में 157 लोगों को अंतिम बेदखली नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि कुछ लोगों ने हाईकोर्ट से स्थगन आदेश भी प्राप्त किया था।
कानून व्यवस्था पर विशे नजर
अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है।



















