यूरोप में आज विजय दिवस, नाजी जर्मनी के आत्मसमर्पण की ऐतिहासिक याद

0
114

नई दिल्ली 8 मई को पूरे यूरोप में “विजय दिवस” मनाया जाता है। यह वही ऐतिहासिक दिन है जब वर्ष 1945 में नाजी जर्मनी ने आत्मसमर्पण किया था और यूरोप में द्वितीय विश्व युद्ध का अंत हुआ था।

युद्ध ने यूरोप को झकझोर दिया था

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूरोप के कई देशों को भारी तबाही का सामना करना पड़ा। फ्रांस लगभग चार वर्षों तक नाजी कब्जे में रहा। युद्ध के दौरान बमबारी, आर्थिक संकट और भारी जनहानि ने लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित किया।

कई शहर पूरी तरह तबाह हो गए थे और लोगों के सामने भोजन तथा आश्रय जैसी मूलभूत जरूरतों का संकट खड़ा हो गया था।

फ्रेंच रेजिस्टेंस की अहम भूमिका

युद्ध के दौरान फ्रांस में “फ्रेंच रेजिस्टेंस” ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस संगठन ने गुप्त अभियानों, खुफिया सूचनाओं और तोड़फोड़ की गतिविधियों के जरिए मित्र देशों की सेनाओं की सहायता की।

वर्ष 1944 में पेरिस की आजादी पूरे यूरोप के लिए उम्मीद का प्रतीक बनी थी।

8 मई 1945 बना ऐतिहासिक दिन

8 मई 1945 को नाजी जर्मनी के आत्मसमर्पण के साथ यूरोप में युद्ध समाप्त हुआ। इसके बाद कई देशों ने पुनर्निर्माण की दिशा में काम शुरू किया।

फ्रांस का पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास

युद्ध के बाद फ्रांस ने उद्योग, परिवहन और आवास क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण किया। वर्ष 1945 से 1975 के बीच का समय फ्रांस में “ले त्रांत ग्लोरियूज़” यानी “तीस गौरवशाली वर्ष” के नाम से जाना जाता है। इस दौरान देश ने तेज आर्थिक प्रगति की।

यूरोप की राजनीति में बड़ा बदलाव

युद्ध के बाद यूरोपीय देशों ने आपसी सहयोग और आर्थिक साझेदारी का रास्ता अपनाया। आगे चलकर इसी प्रक्रिया ने यूरोपीय संघ (EU) की नींव रखी।

नई पीढ़ी के लिए सीख

आज यूरोप के कई देशों में विजय दिवस को शांति, लोकतंत्र और एकता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। यह दिन लोगों को याद दिलाता है कि युद्ध की भयावहता को दोहराया नहीं जाना चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here