
सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव 2026 में रायपुर की उर्मिला का सम्मान
पुस्तक श्रीहिंगलाज चालीसा का हुआ विमोचन

रायपुर-सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव 2026 में उर्मिला देवी उर्मि रचित पुस्तक श्री हिंगुलाज चालीसा का विमोचन हुआ।
भारतीय ज्ञान परंपरा का विश्व को प्रदेय ,, विषय पर आधारित सिंगापुर साहित्य महोत्सव में 16/6/26 को आयोजित मुख्य समारोह में रायपुर की साहित्यकार उर्मिला देवी उर्मि द्वारा सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की गई।
इस अन्तर्राष्ट्रीय समारोह में सिंगापुर आगे बढ़ो ( साझा संकलन ) छत्तीसगढ़ मित्र के नवीनतम अंक के साथ , उर्मिला देवी उर्मि द्वारा रचित श्री हिंगुलाज चालीसा ( 52 शक्तिपीठों में पाकिस्तान स्थित आदि शक्तिपीठ के रूप में आस्था केंद्र की स्तुति ) पुस्तक का विमोचन हुआ।

समारोह में प्रभावी मंच संचालन उर्मि द्वारा किया गया।
कनाडा से पधारे सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्री रमेश चंद्र गुजराल ने इस अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव को हिन्दी के वैश्विक प्रसार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

उर्मिला देवी उर्मि ने भारतीय ज्ञान परम्परा का विश्व को प्रदेय – विषय पर आलेख वाचन किया और संदेशपरक कविता पाठ किया ।
सिंगापुर की लोकप्रिय अंतरराष्ट्रीय कवयित्री सुश्री नीतू गुजराल के मुख्य आतिथ्य में हुए इस अंतरराष्ट्रीय समारोह में जसवंत क्लाडियस, ज्योत्सना सक्सेना, डॉ श्री बद्री प्रसाद पारकर, , डॉ कल्पना सुखदेवे विशिष्ट अतिथि रहे।
उर्मिला देवी उर्मि को साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए स्मृति चिन्ह भेंट कर महादेवी वर्मा सम्मान से विभूषित किया गया।

उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व माॅरीशस, हांगकांग, मकाऊ , इंडोनेशिया , मलेशिया ,थाईलैंड ,वियतनाम ,कंबोडिया , अबू धाबी,दुबई तथा भारत के विभिन्न मंचों पर उर्मि को लेखन एवं मंच संचालन के लिए 150 से अधिक सम्मानों से विभूषित किया जा चुका है।
विश्व के विभिन्न भागों से साहित्यकारों, परिजनों और इष्ट मित्रों द्वारा इस स्वर्णिम उपलब्धि पर उर्मि को हार्दिक बधाई दी जा रही हैं ।




















