
बिलासपुर बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर स्थित चांपी नाला का करीब 60 साल पुराना पुल (रपटा) रविवार दोपहर अचानक धंस गया। इसी दौरान पेंड्रा से बिलासपुर आ रही 35 यात्रियों से भरी पुष्पराज ट्रैवल्स की बस (CG 10 G 1464) पुल के बीचों-बीच फंस गई। चालक और परिचालक की सूझबूझ से सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
घटना दोपहर करीब 2:40 बजे बांसाझाल अघोर आश्रम के पास हुई। बस के गुजरने के दौरान पुल का जर्जर हिस्सा धंस गया और बस का पिछला पहिया उसमें फंस गया। अचानक पुल धंसने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।
हादसे के बाद बिलासपुर-पेंड्रा मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और वैकल्पिक डायवर्जन नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों की मदद से छोटे वाहनों को गांव के अंदर बने वैकल्पिक रास्तों से निकाला गया।
सूचना मिलते ही पीडब्ल्यूडी नेशनल हाईवे डिवीजन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। विभाग ने यातायात बहाल करने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से आपातकालीन मरम्मत कार्य शुरू कराया।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि चांपी नाला का यह पुल 60 साल से अधिक पुराना और काफी जर्जर हो चुका था। हाल की लगातार बारिश से इसकी नींव कमजोर हो गई थी। ग्रामीणों ने दावा किया कि नए पुल का निर्माण कर रहे ठेकेदार को पहले ही खतरे से अवगत कराया गया था, लेकिन समय रहते आवश्यक मरम्मत नहीं कराई गई।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि राजपुर-अनूपपुर क्षेत्र से रोजाना सैकड़ों कोयला लदे भारी वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। लगातार बढ़ते भारी यातायात और बारिश के कारण पुल की स्थिति और कमजोर हो गई, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत के साथ नए पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाने की बात कही है।



















