सुकमा में उम्मीद की नई तस्वीर: पंचायत कैफे से महिलाओं को मिला स्वावलंबन का मंच, ‘आजीविका एक्सप्रेस’ से गांवों को मिली रफ्तार

0
203

सुकमा में उम्मीद की नई तस्वीर: पंचायत कैफे से महिलाओं को मिला स्वावलंबन का मंच, ‘आजीविका एक्सप्रेस’ से गांवों को मिली रफ्तार

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने केरलापाल में किया पंचायत कैफे का शुभारंभ, 1.14 करोड़ की लागत से तैयार 8 वाहनों को दिखाई हरी झंडी

सुकमा। बस्तर के वनांचल में बदलाव की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जहां ग्रामीण महिलाओं के हाथ अब केवल घर-गृहस्थी तक सीमित नहीं, बल्कि स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहे हैं। ग्राम पंचायत केरलापाल में जिला पंचायत द्वारा तैयार ‘पंचायत कैफे’ का शुभारंभ शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने किया। इस अवसर पर कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुंद ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

बिहान योजना से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित यह कैफे ग्रामीणों और राहगीरों को स्वच्छ एवं सुविधाजनक खान-पान उपलब्ध कराने के साथ ही महिलाओं के लिए आय और आत्मनिर्भरता का नया माध्यम बनेगा। कैफे परिसर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत आधुनिक शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

प्रोटोकॉल से अलग दिखी मंत्री की आत्मीयता

पंचायत कैफे के उद्घाटन के दौरान माहौल उस समय और आत्मीय हो गया, जब शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव औपचारिक प्रोटोकॉल से अलग हटकर महिला समूह की दीदियों के बीच बैठ गए। उन्होंने उनसे बातचीत की, उनके काम के बारे में जाना और उनके हाथों से तैयार पारंपरिक नाश्ता और गर्म चाय का स्वाद लिया।

मंत्री ने महिलाओं के हुनर और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया। इस दौरान दीदियों के चेहरों पर खुशी और आत्मसम्मान की झलक साफ दिखाई दी। मंत्री की इस सहज पहल ने कार्यक्रम को महज उद्घाटन समारोह के बजाय महिलाओं के उत्साहवर्धन का अवसर बना दिया।

1.14 करोड़ से तैयार 8 ‘आजीविका एक्सप्रेस’ को हरी झंडी

कार्यक्रम में ग्रामीण आजीविका को गति देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई। शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत करीब 1.14 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 8 फोर्स ट्रैक्स ‘तूफान’ वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इन वाहनों को ‘ग्रामीण आजीविका एक्सप्रेस’ के रूप में उपयोग किया जाएगा। कृतिका महिला संकुल संगठन, चिंतलनार; विद्या महिला संकुल संगठन, दुब्बाटोटा तथा खुशी महिला संकुल संगठन को दो-दो वाहन, जबकि उदय महिला संकुल संगठन, एर्राबोर और प्रतिज्ञा महिला संकुल संगठन को एक-एक वाहन प्रदान किया गया।

दुर्गम गांवों से बाजार तक आसान होगी पहुंच

इन वाहनों के संचालन से अंदरूनी और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए आवागमन एवं परिवहन की समस्या कम होने की उम्मीद है। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं इन वाहनों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और कृषि उपज को हाट-बाजारों तक पहुंचाने में सक्षम होंगी। इससे उत्पादों की बिक्री आसान होगी और महिलाओं की आय बढ़ाने के अवसर भी मजबूत होंगे।

यह पहल केवल वाहनों के वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में महिला उद्यमिता, बाजार से जुड़ाव और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

‘दीदियों की मेहनत पूरे समाज के लिए प्रेरणा’

समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत और उनका आत्मविश्वास आज पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन रहा है। उन्होंने कहा कि ‘पंचायत कैफे’ का स्वाद और ‘आजीविका एक्सप्रेस’ की रफ्तार मिलकर बस्तर के वनांचल में विकास और आत्मनिर्भरता की नई तस्वीर तैयार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब सुदूर क्षेत्रों की महिलाओं को उद्यम और आर्थिक गतिविधियों की कमान मिलती है, तो इसका लाभ केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समुदाय की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

कार्यक्रम में महिला आयोग सदस्य दीपिका सोरी, जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे, अरुण सिंह भदौरिया, जिला पंचायत सदस्य हुंगाराम मरकाम, जनपद सदस्य भीमा मड़कम सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिला समूह की सदस्य उपस्थित रहीं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here