
राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय हमीरपुर में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक, विद्यार्थियों को कानून की जानकारी
हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) । राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय हमीरपुर में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक सम्मेलन हॉल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य चंद्रशेखर ने की। इसमें कमेटी के सदस्यों के अलावा विभिन्न विभागाध्यक्ष, फैकल्टी सदस्य, छात्र प्रतिनिधि, अभिभावक और हॉस्टल व पीजी संचालक शामिल हुए।
बैठक में प्रधानाचार्य ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग रोकने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि रैगिंग को गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है। दोषी विद्यार्थी को तीन वर्ष तक का कारावास और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा संस्थान से निष्कासन की कार्रवाई भी की जा सकती है।
शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना भी रैगिंग
प्रधानाचार्य ने स्पष्ट किया कि रैगिंग केवल संस्थान या हॉस्टल परिसर तक सीमित नहीं है। पीजी और संस्थान के आसपास के क्षेत्रों में विद्यार्थियों को किसी भी तरह से शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित करना भी रैगिंग के दायरे में आ सकता है।
उन्होंने बताया कि महाविद्यालय परिसर, हॉस्टल, पीजी और आसपास के क्षेत्रों में रैगिंग रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। एंटी रैगिंग कमेटी के साथ-साथ एंटी रैगिंग दस्तों का भी गठन किया गया है। महत्वपूर्ण स्थानों पर हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किए गए हैं।
संदिग्ध गतिविधि की तुरंत दें सूचना
प्रधानाचार्य ने छात्र प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपनी-अपनी कक्षाओं में विद्यार्थियों को रैगिंग रोधी कानून के प्रावधानों के बारे में जागरूक करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल एंटी रैगिंग कमेटी या दस्ते के सदस्यों को देने की अपील की गई।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष नए विद्यार्थियों को भी रैगिंग के खिलाफ जागरूक किया गया है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय को पूरी तरह रैगिंग मुक्त बनाने के लिए एंटी रैगिंग कमेटी, फैकल्टी और छात्र प्रतिनिधियों का सामूहिक प्रयास जरूरी है।
बैठक में हमीरपुर थाने के एएसआई प्रदीप कुमार सहित कमेटी के अन्य सदस्यों ने भी रैगिंग रोधी अधिनियम 2009 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी।


















