
नागोया/नई दिल्ली। भारतीय पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल में उन्होंने सिंगापुर की नूर स्याहिदा अलीम को 142-139 से हराकर भारत को 17वां स्वर्ण पदक दिलाया। चार अंकों से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए शीतल ने अपने पिछले एशियन पैरा गेम्स के खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया।
फाइनल में पिछड़ने के बाद की दमदार वापसी
मुकाबले की शुरुआत में शीतल देवी दबाव में नजर आईं। वह 55-59 से पीछे चल रही थीं और दूसरे राउंड में केवल 26 अंक हासिल कर सकीं। इसके बावजूद 18 वर्षीय तीरंदाज ने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार दो बार 30 में से 30 अंक हासिल कर मुकाबले में वापसी की और अंततः जीत दर्ज की।
क्वालिफिकेशन राउंड में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी
शीतल ने क्वालिफिकेशन राउंड में 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके साथ ही उन्होंने मार्च में बैंकॉक में अपने नाम दर्ज 698 अंकों के एशियाई रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।
मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भी जीता स्वर्ण
शीतल देवी ने व्यक्तिगत स्पर्धा के अलावा मिक्स्ड टीम कंपाउंड इवेंट में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने तोमन कुमार के साथ मिलकर इंडोनेशिया की जोड़ी को 151-148 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले भारतीय जोड़ी ने मिक्स्ड टीम क्वालिफिकेशन में 1402 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था।
महिला कंपाउंड डबल्स में मिला रजत पदक
शीतल ने पायल नाग के साथ मिलकर महिलाओं की कंपाउंड डबल्स स्पर्धा में रजत पदक भी जीता। भारतीय जोड़ी ने क्वालिफिकेशन राउंड में 1379 अंक हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया और नया एशियाई तथा एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड बनाया।
नागोया में तीन पदकों के साथ अभियान पूरा
एशियन पैरा गेम्स 2026 में शीतल देवी ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक सहित कुल तीन पदक जीते। इससे पहले 2023 के एशियन पैरा गेम्स में भी उन्होंने तीन पदक अपने नाम किए थे। लगातार दूसरे संस्करण में उनका यह प्रदर्शन भारतीय पैरा खेलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

















