
तेल अवीव/नई दिल्ली। इजरायल में चुनावी धांधली को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने अरब पार्टियों पर चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और ‘चुनाव चोरी’ का आरोप लगाया था। हालांकि, इजरायल पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इनके समर्थन में कोई जांच संबंधी या खुफिया सबूत नहीं मिले हैं।
पुलिस ने कहा- आरोपों के समर्थन में सबूत नहीं
गुरुवार को जारी बयान में इजरायल पुलिस ने कहा कि मतदान के दिन चुनावी निष्पक्षता से जुड़ी कुछ असामान्य घटनाएं जरूर सामने आई थीं, लेकिन पिछली बार के चुनावों की तुलना में इनकी संख्या काफी कम थी। पुलिस के मुताबिक, लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस जांच या खुफिया सबूत उपलब्ध नहीं हैं।
इससे पहले बुधवार को केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) के एक अधिकारी ने भी चुनाव में धोखाधड़ी के दावों को खारिज किया था।
अरब पार्टियों को मिलीं 19 सीटें
मंगलवार को हुए चुनाव में अरब पार्टियों ने 19 सीटें हासिल की हैं। इस बार अरब समुदाय की ओर से रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। गुरुवार सुबह तक करीब 91 प्रतिशत मतों की आधिकारिक गिनती पूरी हो चुकी थी। हालांकि, डबल-लिफाफे वाले मतपत्रों की गिनती जारी थी।
नेतन्याहू के गठबंधन को 53 सीटें मिलने का अनुमान
केंद्रीय चुनाव समिति के बुधवार शाम के आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का राजनीतिक गुट 53 सीटों के साथ आगे था, जबकि विपक्षी गुट को 48 सीटें मिलने का अनुमान था। हालांकि, दोनों में से किसी भी गुट को संसद में बहुमत के लिए जरूरी सीटें नहीं मिल पाई थीं।
लिकुड पार्टी ने लगाए गंभीर आरोप
बुधवार को नेतन्याहू ने आरोप लगाया था कि अरब पार्टियों ने इजरायल का चुनाव ‘चुरा’ लिया है। इसके बाद लिकुड पार्टी ने बयान जारी कर चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का दावा किया।
पार्टी ने अरब पार्टियों पर रिश्वतखोरी, धमकी, हिंसा, धोखाधड़ी और मतदाताओं को जुटाने के लिए अवैध सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल जैसे आरोप लगाए। लिकुड ने यह भी दावा किया कि संबंधित पार्टियां इजरायल को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं।
हालांकि, इन आरोपों को पुलिस और केंद्रीय चुनाव समिति के अधिकारियों ने खारिज किया है। फिलहाल चुनावी नतीजों की प्रक्रिया और शेष मतपत्रों की गिनती पर सबकी नजर बनी हुई है।



















