
धमतरी। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से जिले में हुई असामयिक बारिश और फसलों को नुकसान की आशंका को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत बीमित किसानों से अपील की है कि वे फसल नुकसान की जानकारी घटना के 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को दें, ताकि नियमानुसार बीमा क्लेम का लाभ मिल सके।
14447 पर दर्ज कराएं नुकसान की सूचना
उप संचालक कृषि मोनेश ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति होने पर किसानों को 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 (कृषि रक्षक पोर्टल) पर सूचना दर्ज करानी होगी। इसके बाद बीमा कंपनी की ओर से 10 दिनों के भीतर सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जाएगा।
खड़ी और कटी फसल के नुकसान पर अलग-अलग प्रावधान
विभाग के अनुसार, खेत में खड़ी फसल में जलभराव या अन्य प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर बीमा दावे की गणना योजना के प्रावधानों और फसल कटाई प्रयोग से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर की जाएगी।
वहीं, कटाई के बाद खेत या खलिहान में रखी धान की फसल (करपा) को नुकसान होने पर अधिकतम 14 दिनों तक बीमा सुरक्षा का प्रावधान है।
शिकायत के लिए ये जानकारियां जरूरी
कृषि विभाग ने किसानों को नुकसान की सूचना दर्ज कराते समय निम्न जानकारियां अपने पास रखने की सलाह दी है:
- किसान का नाम और मोबाइल नंबर
- गांव, तहसील और जिले का नाम
- खसरा नंबर
- बीमित फसल का नाम
- बीमा पॉलिसी नंबर
- फसल नुकसान का विवरण और घटना की तारीख
फसल की फोटो-वीडियो सुरक्षित रखें
विभाग ने किसानों से अपील की है कि नुकसान होने पर घबराएं नहीं और फसल की तत्काल फोटो व वीडियो बना लें। भारी नुकसान की स्थिति में पटवारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को भी सूचना दें। खलिहान में रखी कटी हुई फसल को पॉलीथिन से ढंककर सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
72 घंटे की समयसीमा का रखें ध्यान
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि फसल नुकसान की सूचना निर्धारित 72 घंटे के भीतर दर्ज कराना जरूरी है। समयसीमा में जानकारी नहीं देने पर किसान बीमा क्लेम के लाभ से वंचित हो सकते हैं। इसलिए प्रभावित किसानों को बिना देरी किए बीमा कंपनी और संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की अपील की गई है।



















