
नई दिल्ली पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। रसोई गैस से भरा मालवाहक जहाज ‘सिमी’ सुरक्षित रूप से गुजरात के कांडला स्थित दीनदयाल बंदरगाह पहुंच गया है। जहाज करीब 20 हजार टन एलपीजी गैस लेकर भारत आया है, जिससे देश में गैस आपूर्ति को राहत मिलने की उम्मीद है।
यह जहाज 13 मई को होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरा था। यह वही समुद्री रास्ता है, जहां इन दिनों लगातार तनाव बना हुआ है और हर जहाज की आवाजाही पर दुनिया की नजर है। ऐसे हालात में जहाज का सुरक्षित भारत पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, यह गैस इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने कतर के रास लफ्फान टर्मिनल से खरीदी थी। जहाज पर मौजूद सभी 21 चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं। समुद्र में बढ़ते खतरे और कड़ी निगरानी के बीच इस जहाज को भारत तक लाना आसान नहीं था।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा कारणों से जहाज ने कुछ समय के लिए अपना ऑटोमैटिक पहचान सिस्टम (AIS) भी बंद कर दिया था, ताकि वह बिना किसी जोखिम के आगे बढ़ सके। इसी रणनीति की वजह से जहाज सुरक्षित भारतीय बंदरगाह तक पहुंच पाया।
इस पूरे अभियान में भारत सरकार के कई मंत्रालय लगातार समन्वय में रहे। विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय और बंदरगाह एवं जहाजरानी मंत्रालय ने मिलकर जहाज की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की।
बताया जा रहा है कि मार्च के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत पहुंचने वाला यह 13वां जहाज है। वहीं एक और गैस टैंकर भारत की ओर बढ़ रहा है, जो जल्द न्यू मैंगलोर बंदरगाह पहुंचेगा।
प्रमुख बातें
- 20 हजार टन एलपीजी लेकर भारत पहुंचा जहाज
- युद्ध और तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया
- सभी 21 चालक दल के सदस्य सुरक्षित
- सुरक्षा के लिए अस्थायी रूप से बंद किया गया AIS सिस्टम
- भारत सरकार के कई मंत्रालयों ने मिलकर किया समन्वय
यह खेप ऐसे समय भारत पहुंची है जब वैश्विक तनाव के कारण ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से ईंधन की बचत और जरूरत के अनुसार ही उपयोग करने की अपील की है।



















