
रायपुर
छत्तीसगढ़ में वेटलैंड संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। छत्तीसगढ़ स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी और दुर्ग स्थित महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस समझौते के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर वेटलैंड संरक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान और पर्यावरण जागरूकता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों पर संयुक्त रूप से कार्य करेंगी।
इन क्षेत्रों में किया जाएगा संयुक्त कार्य
एमओयू के अनुसार निम्न क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा—
- वेटलैंड से जुड़े वैज्ञानिक अनुसंधान
- तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम
- पर्यावरण जागरूकता अभियान
- फील्ड अध्ययन
- वेटलैंड आधारित विकास गतिविधियां
जल संरक्षण और जैव विविधता को मिलेगा लाभ
इस पहल से राज्य के विभिन्न वेटलैंड क्षेत्रों में जल संरक्षण और जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार वेटलैंड प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, भूजल स्तर बनाए रखने और कई दुर्लभ जीव-जंतुओं के आवास के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम पहल
यह समझौता राज्य में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और स्थानीय समुदायों को भी लाभ मिलने की संभावना है।



















