
अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- भविष्य में ईरान के परमाणु हथियार हासिल करने का खतरा नहीं होना चाहिए, सात महीने से जारी संघर्ष का किया जिक्र
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान में अपनी सैन्य भागीदारी खत्म कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे इस बात की पक्की गारंटी चाहिए कि ईरान भविष्य में कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि केवल मौजूदा खतरे को रोकना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि आने वाले वर्षों में ऐसा खतरा दोबारा पैदा न हो।
जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अभी ईरान से बाहर निकल सकता है, लेकिन इसके लिए भविष्य में ईरान के परमाणु हथियार हासिल नहीं करने की गारंटी जरूरी है। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि दो साल बाद अमेरिका को फिर से इसी तरह की सैन्य कार्रवाई करनी पड़े।
परमाणु खतरे को दोबारा पैदा होने से रोकने पर जोर
जब ट्रंप से पूछा गया कि अमेरिकी सैन्य अभियान के जरिए ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने का दावा करने के बावजूद वह जीत की घोषणा क्यों नहीं कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि सबसे जरूरी बात यह सुनिश्चित करना है कि परमाणु खतरा दोबारा पैदा न हो।
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका को ऐसी गारंटी चाहिए जिससे भविष्य में ईरान के परमाणु हथियार हासिल करने की आशंका खत्म हो सके।
क्लार्क्सविल में सैन्य अभियान को बताया उपलब्धि
ट्रंप की यह टिप्पणी टेनेसी के क्लार्क्सविल में दिए गए उनके भाषण के बाद आई। वहां उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। हालांकि, उन्होंने इस संघर्ष में अमेरिकी सैनिकों की मौत और घायल होने की घटनाओं का भी जिक्र किया।
सात महीने से जारी संघर्ष का किया उल्लेख
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका पिछले सात महीनों से इस संघर्ष में शामिल है। उन्होंने इसकी तुलना वियतनाम और अफगानिस्तान जैसे पुराने अमेरिकी युद्धों से की। उन्होंने कहा कि संघर्ष के दौरान कई अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं और उनके दावे के अनुसार, 18 अमेरिकी जवानों की मौत हुई है।
ट्रंप ने अपने समर्थकों से कहा कि अमेरिका ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोक दिया है। साथ ही उन्होंने दोहराया कि आगे की रणनीति में यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा कि भविष्य में परमाणु खतरा फिर से सामने न आए।













