
रायपुर महिला थाना रायपुर में पारिवारिक विवाद के चलते अलगाव की कगार पर पहुंचे एक मूक-बधिर दंपति का रिश्ता काउंसलिंग के जरिए फिर से जुड़ गया। महिला थाना और पारिवारिक परामर्श केंद्र की विशेष पहल से दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ और उन्होंने साथ रहने की सहमति जताई।
मिली जानकारी के अनुसार, 11 मई 2026 को मूक-बधिर महिला प्रीति साहू ने अपने पति विकास कुमार के खिलाफ महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा था। दोनों के मूक-बधिर होने के कारण उनकी भावनाओं और समस्याओं को समझना काउंसलरों के लिए चुनौतीपूर्ण था।
सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ की ली गई मदद
स्थिति को देखते हुए महिला थाना प्रभारी निरीक्षक अर्चना धुरंधर ने सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ जीनल श्रीवास्तव को परामर्श केंद्र में आमंत्रित किया। उनकी सहायता से काउंसलर पूर्णिमा तिवारी और कृष्ण रंजन पाल ने 31 मई को दोनों पक्षों की समस्याएं विस्तार से सुनीं।
समझाइश के बाद साथ रहने पर सहमति
काउंसलिंग के दौरान दोनों की शिकायतों और परेशानियों को समझकर उन्हें आपसी संवाद और समझदारी का महत्व बताया गया। समझाइश के बाद पति-पत्नी ने अपने मतभेद भुलाकर प्रेमपूर्वक साथ रहने की सहमति दे दी।
सार्थक पहल से बचा परिवार
महिला थाना प्रभारी अर्चना धुरंधर, उपनिरीक्षक सुनीता कंवर, काउंसलर पूर्णिमा तिवारी, कृष्ण रंजन पाल और सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ जीनल श्रीवास्तव की सूझबूझ और संवेदनशील प्रयासों से एक परिवार टूटने से बच गया। यह पहल विशेष जरूरत वाले लोगों के लिए पुलिस और परामर्श सेवाओं की मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण बनी है।



















