मनरेगा घोटाले के 18 साल पुराने मामले में EOW की बड़ी कार्रवाई, 6 हजार पन्नों का चालान पेश

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पूर्व जिला पंचायत सीईओ समेत 8 अधिकारियों पर आर्थिक अनियमितता का आरोप


रायपुर राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े 18 वर्ष पुराने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए न्यायालय में करीब 6 हजार पृष्ठों का चालान पेश किया है। मामले में तत्कालीन जिला पंचायत कांकेर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सहित आठ पूर्व अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।

सामग्री खरीदी में नियमों की अनदेखी का आरोप

जांच के अनुसार, वर्ष 2006 से 2008 के दौरान जिला पंचायत कांकेर और उसकी सात जनपद पंचायतों में सामग्री खरीदी के दौरान निर्धारित नियमों और निविदा प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। आरोप है कि खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं।

करीब ₹1.69 करोड़ की वित्तीय अनियमितता के साक्ष्य

EOW की जांच में करीब ₹1.69 करोड़ की कथित वित्तीय अनियमितता के साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। ब्यूरो ने मामले की जांच पूरी करने के बाद सभी दस्तावेजों के साथ विस्तृत 6 हजार पृष्ठों का चालान न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है।

मामले की सुनवाई अब न्यायालय में

चालान पेश होने के बाद अब मामले की आगे की सुनवाई न्यायालय में होगी। आरोपित अधिकारियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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