
रायपुर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस के सहयोग से ‘साइबर जागृति–साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बदलते तरीकों की जानकारी देने के साथ उनसे बचने के व्यावहारिक उपाय भी बताए गए।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। रायपुर पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला, NIT रायपुर के निदेशक (प्रभारी) डॉ. समीर बाजपेयी, DCP वेस्ट रॉबिन्सन गुरिया (IPS), ADCP साइबर डॉ. गौरव मंडल समेत पुलिस अधिकारी, संस्थान के अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
फिशिंग और OTP फ्रॉड से लेकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ तक
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को फिशिंग, OTP और UPI फ्रॉड, सोशल मीडिया पर पहचान की चोरी, प्रतिरूपण, सेक्सटॉर्शन और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर अपराधों के बारे में समझाया गया। साथ ही बताया गया कि ऐसे मामलों में अपराधी किस तरह लोगों को डर, लालच या जल्दबाजी में फंसाकर अपनी बातों में उलझाते हैं।
ADCP साइबर डॉ. गौरव मंडल ने कहा कि साइबर अपराधी सिर्फ मोबाइल या बैंक खाते को निशाना नहीं बनाते, बल्कि लोगों की मनोवैज्ञानिक कमजोरियों का फायदा उठाकर भी ठगी करते हैं। उन्होंने लालच, डर, जल्दबाजी और जानकारी की कमी को साइबर फ्रॉड के प्रमुख कारणों में बताया।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि अगर वे साइबर ठगी का शिकार होते हैं तो बिना देर किए 1930 पर कॉल करें और साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
छात्रों से साइबर स्वयंसेवक बनने की अपील
NIT रायपुर के निदेशक (प्रभारी) डॉ. समीर बाजपेयी ने विद्यार्थियों को साइबर स्वयंसेवक के तौर पर सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी खुद डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग रहें और अपने परिवार, दोस्तों तथा आसपास के लोगों को भी सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में जागरूक करें।
रायपुर पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला ने साइबर अपराध को वैश्विक स्तर पर फैलता अपराध बताते हुए कहा कि ठगी के जरिए रकम देश से बाहर जाने के बाद उसे वापस हासिल करना काफी मुश्किल हो सकता है। उन्होंने साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्कता और जागरूकता को सबसे प्रभावी उपाय बताया।
मंत्री ने निजी जानकारी साझा न करने की दी सलाह
मुख्य अतिथि मंत्री दयालदास बघेल ने डिजिटल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि OTP, PIN, पासवर्ड और निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। साइबर ठगी होने पर उन्होंने भी तुरंत 1930 पर संपर्क करने की अपील की।


















