कोलकाता में बड़ी कार्रवाई, फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी पर 919 होटल-गेस्ट हाउसों को बंद करने का नोटिस

0
226

कोलकाताशहर में आग से सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं करने वाले होटल और गेस्ट हाउसों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अब तक करीब 960 होटल और गेस्ट हाउसों का निरीक्षण किया जा चुका है, जिनमें से 919 प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से बंद करने का नोटिस दिया गया है।

यह कार्रवाई मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित ‘शिखा इन’ गेस्ट हाउस में हुई भीषण आग के बाद शुरू किए गए व्यापक सुरक्षा निरीक्षण अभियान का हिस्सा है। पश्चिम बंगाल फायर सर्विस, कोलकाता नगर निगम और कोलकाता पुलिस की संयुक्त टीमें शहर के होटल और गेस्ट हाउसों में फायर सेफ्टी इंतजामों की जांच कर रही हैं।

अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण किए गए 960 प्रतिष्ठानों में केवल 41 जगहों पर ही आवश्यक अग्नि सुरक्षा इंतजाम मानकों के अनुरूप पाए गए। बाकी 919 प्रतिष्ठानों को निर्देश दिया गया है कि वे तय सुरक्षा मानकों को पूरा किए बिना अपना संचालन दोबारा शुरू न करें।

कोलकाता में करीब 3,700 होटल और गेस्ट हाउस संचालित हैं। ऐसे में अब तक हुई जांच शहर के कुल प्रतिष्ठानों के लगभग एक-चौथाई हिस्से को कवर करती है। अधिकारियों ने बताया कि बाकी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण भी जारी रहेगा।

‘शिखा इन’ अग्निकांड के बाद बढ़ी सख्ती

19 अगस्त को मध्य कोलकाता की मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित ‘शिखा इन’ गेस्ट हाउस में भीषण आग लग गई थी। हादसे में नौ लोगों की मौत हुई थी, जिनमें सात बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल थे। घटना के बाद प्रशासन ने शहर के होटल और गेस्ट हाउसों में फायर और लाइफ सेफ्टी मानकों की जांच तेज कर दी।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन प्रतिष्ठानों को बंद करने का नोटिस मिला है, वे सुरक्षा खामियों को दूर किए बिना दोबारा संचालन नहीं कर सकेंगे। उन्हें निर्धारित फायर सेफ्टी मानकों को पूरा करने के साथ फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट (RFSC) का नवीनीकरण भी कराना होगा।

सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद ही संबंधित प्रतिष्ठान दोबारा संचालन के लिए जरूरी लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे। प्रशासन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि शहर के सभी होटल और गेस्ट हाउसों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आग जैसी घटनाओं के दौरान जानमाल के नुकसान को रोकना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here