
बेमेतरा जिले में बढ़ते साइबर अपराधों को रोकने और लोगों को ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट के दिशा सभाकक्ष में साइबर जागरूकता अभियान को लेकर अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने की।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध भी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। अनजान लिंक पर क्लिक करना, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी साझा करना और फर्जी कॉल पर भरोसा करना लोगों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन रहा है। ऐसे में प्रदेश को साइबर अपराध से मुक्त बनाने के प्रयासों के तहत बेमेतरा को भी साइबर क्राइम मुक्त जिला बनाना प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें सभी सरकारी विभागों और आम नागरिकों की भागीदारी जरूरी है। लोगों को जागरूक किए बिना साइबर अपराधों पर प्रभावी तरीके से रोक लगाना मुश्किल है।
स्कूलों से गांवों तक चलेगा जागरूकता अभियान
कलेक्टर ने अधिकारियों को जिले में व्यापक स्तर पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। इसके तहत स्कूल, कॉलेज, ग्राम पंचायत, आंगनबाड़ी केंद्र, हाट-बाजार और नगरीय क्षेत्रों में जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे।
लोगों तक जानकारी पहुंचाने के लिए नुक्कड़ नाटक, पोस्टर, बैनर, पंपलेट, सोशल मीडिया और मुनादी जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा। साइबर ठगी के आम तरीकों और उनसे बचने के उपायों को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
ओटीपी और बैंक संबंधी जानकारी साझा न करने की अपील
बैठक में नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई। अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठगी के कई मामले लोगों को लालच, डर या भ्रम में डालकर किए जाते हैं। ऐसे में किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाता नंबर, एटीएम पिन या पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए।
लॉटरी जीतने, केवाईसी अपडेट करने या बिजली कनेक्शन बंद होने जैसे नाम पर भेजे गए संदिग्ध मैसेज और लिंक से भी सावधान रहने को कहा गया। अनजान नंबरों से आने वाले वीडियो कॉल को स्वीकार करने से बचने की सलाह दी गई।
यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है या कोई संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि सामने आती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की अपील की गई। इसके अलावा नजदीकी थाने में शिकायत की जा सकती है या पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।
परिवार और आसपास के लोगों को भी करें जागरूक
कलेक्टर ने कहा कि साइबर सुरक्षा को लेकर प्रत्येक व्यक्ति को जिम्मेदारी समझनी होगी। नागरिक खुद सतर्क रहने के साथ अपने परिवार, पड़ोस और गांव के लोगों को भी ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके बताएं।
उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने की जरूरत बताई। साथ ही सभी शासकीय कार्यालयों में साइबर जागरूकता से संबंधित फ्लेक्स लगाने और सरकारी कर्मचारियों को भी आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि प्रशासन, पुलिस, विभिन्न विभागों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयास से ही बेमेतरा को साइबर अपराध से सुरक्षित बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।















