
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के मुड़पार गांव में कथित अवैध खैर लकड़ी परिवहन और फर्जी NOC से जुड़े मामले में महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी मनीष अग्रवाल के मुड़पार स्थित मकान की सर्च वारंट के आधार पर तलाशी ली, जहां से करीब 81 लाख रुपये नकद बरामद हुए।
पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान 500-500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां मिलीं। प्रत्येक गड्डी में 100 नोट थे। इस हिसाब से कुल 16,200 नोट बरामद हुए, जिनकी कीमत 81 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने पूरी रकम को जब्त कर लिया है।
23,350 किलो खैर लकड़ी के परिवहन से जुड़ा मामला
यह मामला पिथौरा वन परिक्षेत्राधिकारी की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, करीब 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन के लिए NTPs/NOC में कूटरचना कर धोखाधड़ी की गई।
मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) सहित अन्य संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के प्रावधानों के तहत जांच की जा रही है। इसके साथ ही भारतीय वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत भी कार्रवाई जारी है।
81 लाख की रकम को लेकर कुर्की की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, आरोपी के घर से बरामद 81 लाख रुपये को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए धारा 107 के तहत संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जांच में बरामद नकदी को अहम साक्ष्य माना जा रहा है।
नकदी की बरामदगी के बाद पुलिस अब कथित अवैध लकड़ी परिवहन और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और फर्जी NOC तैयार करने में किन लोगों की भूमिका रही।
वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल
बड़ी मात्रा में खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन के मामले में स्थानीय स्तर पर वन विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, फिलहाल किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है, तो उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
81 लाख रुपये की बरामदगी के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। अब जांच एजेंसियां नकदी के स्रोत के साथ-साथ कथित लकड़ी तस्करी और फर्जी NOC के नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।















