
नई दिल्ली ग्वालियर को दूरसंचार विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अनुसार, ग्वालियर में एशिया का पहला समर्पित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) स्थापित किया जाएगा।
सिंधिया ने दूरसंचार विभाग के सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (SADA) में प्रस्तावित TMZ के लिए चिन्हित स्थल का निरीक्षण किया।
5,500 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना
प्रस्तावित TMZ में करीब 5,500 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है। इससे 18 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
सिंधिया ने कहा कि यह परियोजना केवल एक औद्योगिक इकाई तक सीमित नहीं होगी। इसके तहत दूरसंचार उपकरण और कलपुर्जों के निर्माण से जुड़ी करीब 24 से 25 इकाइयों वाला पूरा औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की योजना है।
पहले चरण में 170 एकड़ जमीन चिन्हित
TMZ के पहले चरण के लिए SADA में 90 एकड़ से अधिक और IT पार्क में 70 एकड़ से अधिक जमीन चिन्हित की गई है। इस तरह शुरुआती चरण में करीब 170 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
सिंधिया के मुताबिक, परियोजना को लेकर निवेशकों की रुचि काफी अधिक है और प्राप्त आवेदन उपलब्ध जमीन से ज्यादा हैं। ऐसे में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त भूमि की पहचान कर TMZ का विस्तार किया जा सकता है।
24 कंपनियों ने शुरू की आवेदन प्रक्रिया
टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना को लेकर जुलाई 2026 में दूरसंचार विभाग और मध्य प्रदेश सरकार के बीच एमओयू हुआ था। इसके बाद दिल्ली और मुंबई में निवेशक सम्मेलन आयोजित किए गए।
दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में करीब 3,500 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धताएं सामने आईं, जिससे लगभग 14 हजार रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। वहीं मुंबई सम्मेलन में करीब 2,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धताएं मिलीं और करीब 4 हजार रोजगार के अवसरों की उम्मीद जताई गई।
सिंधिया ने बताया कि अब तक 24 कंपनियों ने ग्वालियर में अपनी टेलीकॉम विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
निवेशकों के लिए प्रोत्साहन पैकेज
टेलीकॉम विनिर्माण कंपनियों को आकर्षित करने के लिए केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार की ओर से प्रोत्साहन पैकेज तैयार किया गया है। इसमें जमीन की लीज, बिजली, रोजगार और उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन के साथ पर्यावरणीय स्थिरता और हरित विकास से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
दूरसंचार विभाग की ओर से करीब 500 करोड़ रुपये के कॉमन टेस्टिंग लैब पैकेज का प्रस्ताव भी दिया गया है।
कनेक्टिविटी और कुशल कार्यबल पर जोर
सिंधिया ने TMZ के विकास के लिए ग्वालियर की कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल मानव संसाधन को महत्वपूर्ण बताया। दिल्ली और उत्तर भारत के प्रमुख बाजारों से संपर्क बेहतर करने के लिए करीब 120 किलोमीटर लंबे आगरा-ग्वालियर हाई-स्पीड कॉरिडोर का विकास किया जा रहा है।
ग्वालियर प्रमुख रेलवे मार्गों से जुड़ा है। वहीं करीब 650 करोड़ रुपये की लागत से विकसित एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों के लिए हवाई संपर्क उपलब्ध है।
शहर में इंजीनियरिंग शिक्षा का भी बड़ा आधार है और हर साल करीब 25 हजार इंजीनियरिंग छात्र स्नातक होते हैं। इससे TMZ के लिए कुशल कार्यबल उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित TMZ को टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग के छह प्रमुख क्षेत्रों को कवर करने वाले व्यापक औद्योगिक इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने की योजना है। सिंधिया ने बताया कि ग्वालियर के दो दिवसीय दौरे के बाद वह 22 सितंबर को बेंगलुरु में टेलीकॉम क्षेत्र के निवेशकों के साथ रोडशो में शामिल होंगे।

















