
बस्तर जिले में लगातार चार दिनों तक हुई बारिश के बाद इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। पिछले दो दिनों में बारिश कुछ कम हुई है, लेकिन नदी का जलस्तर अभी भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है। इसके चलते जगदलपुर के आसपास के इलाकों समेत इंद्रावती किनारे बसे कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
बड़े चकवा में 35 घर प्रभावित
इंद्रावती नदी के बढ़े जलस्तर से बड़े चकवा गांव में करीब 35 घर प्रभावित हुए हैं। यहां के करीब 150 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविर में ठहराया गया है।
बस्तर जिले में अब तक 42 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 5 हजार से अधिक लोगों को रखा गया है। प्रशासन और राहत दल प्रभावित इलाकों में लगातार बचाव और राहत कार्य में जुटे हुए हैं।
घरों का सामान और फसलें पानी में डूबीं
बाढ़ का पानी ग्रामीणों के घरों में घुसने से घरेलू सामान भी पानी में डूब गया है। कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी, लेकिन बाढ़ के कारण फसल और जरूरी सामान को नुकसान पहुंचा है। इससे प्रभावित परिवारों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
तेज बहाव और बढ़े जलस्तर के कारण नदी किनारे बने कई कच्चे और पक्के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। कुछ स्थानों पर मकानों के ढहने की भी सूचना है।
डोंगाघाट से 16 लोगों का रेस्क्यू
जगदलपुर क्षेत्र में भी बाढ़ का असर बना हुआ है। रविवार को डोंगाघाट इलाके से 16 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
प्रशासन के मुताबिक अब तक करीब 5 हजार से अधिक लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।



















