
गुब्बारे छोड़कर उद्घाटन, पोस्टर अनावरण और बैंड प्रस्तुति ने बढ़ाया उत्साह; हैकाथॉन, आइडियाथॉन, रोबो रेस सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

रायपुर। छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीजीआईटी), रायपुर में चार दिवसीय सांस्कृतिक एवं तकनीकी महोत्सव ‘आवेश 2026–27’ का शुभारंभ 27 अक्टूबर को उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। ए-ब्लॉक के सामने खुले प्रांगण में आयोजित उद्घाटन समारोह में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एम. आर. खान, कार्यक्रम समन्वयक एवं बेसिक साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. श्वेता चौबे, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. आर. एस. परिहार, सिविल विभागाध्यक्ष डॉ. अजय गर्ग, मैकेनिकल विभागाध्यक्ष डॉ. अजय त्रिपाठी, कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष श्रीमती सुमन दास, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन विभागाध्यक्ष श्रीमती चेतना सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्राध्यापक, संकाय सदस्य, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। प्राचार्य, कार्यक्रम समन्वयक एवं विभागाध्यक्षों ने एक साथ गुब्बारे छोड़कर महोत्सव का उद्घाटन किया। इसके बाद महाविद्यालय की छत से विभिन्न प्रतियोगिताओं के पोस्टर रोल-डाउन कर अनावृत किए गए। कॉलेज बैंड की संगीतमय प्रस्तुति ने समारोह में उत्साह और उमंग का संचार किया।

प्राचार्य प्रो. एम. आर. खान ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, नए विचारों को विकसित करने और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरे उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने तथा प्रत्येक गतिविधि से सीखने का प्रयास करने का आह्वान किया। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. श्वेता चौबे ने कहा कि ‘आवेश’ विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ अपनी रचनात्मक, सांस्कृतिक और नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने का व्यापक मंच प्रदान करता है। उन्होंने नवाचार, टीम भावना और समस्या-समाधान क्षमता को विद्यार्थियों के बहुमुखी विकास के महत्वपूर्ण आधार बताया।

महोत्सव के दूसरे दिन, 28 अक्टूबर को तकनीकी एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। दिनभर की गतिविधियों में हैकाथॉन, आइडियाथॉन (शार्क टैंक), टेक मीम प्रतियोगिता, रोबो रेस, टेक्निकल क्विज, मेगा स्ट्रक्चर रीबिल्डिंग, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और ई-स्पोर्ट्स शामिल रहे। इसके साथ ही फेस पेंटिंग और मेहंदी प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को भी मंच मिला। इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग करने, नए विचार प्रस्तुत करने, तार्किक क्षमता विकसित करने और सामूहिक रूप से कार्य करने का अवसर प्रदान किया।
दूसरे दिन की प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन के लिए विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञों ने निर्णायक के रूप में सहभागिता की। इंजीनियर रवि परयानी, प्रिंसिपल स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट, परयानी एंड एसोसिएट्स, रायपुर के साथ भिलाई स्टील प्लांट से जुड़े पूर्व महाप्रबंधक एवं इंडियन इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (IEI), भिलाई लोकल सेंटर के पूर्व अध्यक्ष श्री बी. पी. यादव, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL), भिलाई के पूर्व डीजीएम श्री एस. एन. पाठक तथा भिलाई स्टील प्लांट के टाउनशिप विभाग के पूर्व एजीएम श्री बसंत कुमार साहू निर्णायक मंडल में शामिल रहे। विशेषज्ञों की सहभागिता ने विद्यार्थियों को अपने विचारों और कौशल को अनुभवी पेशेवरों के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया।

हैकाथॉन और आइडियाथॉन जैसी प्रतियोगिताओं ने नवाचार एवं समस्या-समाधान की क्षमता को प्रोत्साहित किया, जबकि रोबो रेस और मेगा स्ट्रक्चर रीबिल्डिंग जैसी गतिविधियों ने इंजीनियरिंग सिद्धांतों के व्यावहारिक अनुप्रयोग को प्रमुखता दी।
वहीं, फेस पेंटिंग और मेहंदी प्रतियोगिताओं ने रचनात्मक अभिव्यक्ति के विविध रूपों को सामने रखा। इस प्रकार महोत्सव में तकनीकी दक्षता के साथ कला और रचनात्मकता को भी समान महत्व दिया गया।

प्राचार्य प्रो. एम. आर. खान के मार्गदर्शन तथा कार्यक्रम समन्वयक डॉ. श्वेता चौबे के समन्वय में आयोजित ‘आवेश 2026–27’ का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों से आगे बढ़कर अपनी प्रतिभा निखारने, नए अनुभव प्राप्त करने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर देना है। 27 से 30 अक्टूबर तक चल रहे इस महोत्सव में तकनीकी एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के बहुमुखी विकास, आत्मविश्वास, सहयोग और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित किया जा रहा है।





















