24.70 लाख रुपये से बना महतारी सदन, ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण का बना केंद्र

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सरगुजा। जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम पुहपुटरा में 24 लाख 70 हजार रुपये की लागत से निर्मित महतारी सदन ग्रामीण महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। यहां महिलाएं सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में बैठक कर रही हैं तथा आजीविका, स्वरोजगार और समूह की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक रूप से चर्चा कर रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महतारी सदन योजना के तहत भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। इसी योजना के तहत पुहपुटरा में वित्तीय वर्ष 2024-25 में महतारी सदन का निर्माण स्वीकृत हुआ था।

पहले घरों और पेड़ों के नीचे होती थीं बैठकें

महतारी सदन बनने से पहले गांव की महिला स्व-सहायता समूहों को बैठकों के लिए किसी सदस्य के घर या पेड़ों की छांव का सहारा लेना पड़ता था। सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही और भीड़ के कारण महिलाएं अपनी समस्याओं तथा आजीविका से जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा नहीं कर पाती थीं। अब उन्हें नियमित बैठकों के लिए एक निश्चित और सुरक्षित स्थान मिल गया है।

लक्ष्य महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष बिंदेश्वरी राजवाड़े ने बताया कि पहले बैठक के लिए उपयुक्त स्थान नहीं होने से समूह की महिलाओं को परेशानी होती थी। महतारी सदन बनने के बाद वे एक साथ बैठकर अपने विचार साझा कर पा रही हैं और आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना बना रही हैं। उन्होंने इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

बैठक और अन्य सुविधाओं से काम हुआ आसान

गांव के ज्योति महिला स्व-सहायता समूह की सचिव गीता शर्मा ने बताया कि पहले सभी सदस्यों के एक साथ बैठने के लिए उचित स्थान नहीं मिल पाता था। किसी सदस्य के घर बैठक करने से संबंधित परिवार को भी कई बार असुविधा होती थी। अब महतारी सदन में सभी समूहों की महिलाएं एक ही स्थान पर बैठक कर सकती हैं।

भवन में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे महिलाओं को बैठकों के आयोजन और समूह की गतिविधियों के संचालन में सहूलियत मिल रही है।

सामूहिक निर्णय और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा

महतारी सदन अब ग्रामीण महिलाओं के आपसी संवाद, सामूहिक निर्णय और आजीविका गतिविधियों का केंद्र बन रहा है। यहां महिलाएं समूह की कार्ययोजना तैयार करने, स्वरोजगार की संभावनाओं पर विचार करने और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रही हैं।

गांव की महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याओं के अनुसार, महतारी सदन से बैठक स्थल की पुरानी समस्या दूर हुई है। व्यवस्थित वातावरण मिलने से महिलाएं आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रख पा रही हैं और समूह की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी कर रही हैं।

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