वोट अधिकार यात्रा : अशोक चक्र विवाद के बाद सफाई में उतरी कांग्रेस

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रायगढ़ । कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट और कांग्रेस विधायक उमेश पटेल के नेतृत्व में रायगढ़ से शुरू हुई कांग्रेस की “वोट अधिकार यात्रा – वोट चोर गद्दी छोड़” ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। हजारों की भीड़ के साथ निकली इस यात्रा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया और भाजपा के खिलाफ माहौल को सड़कों पर साफ़ तौर पर दिखा दिया।

लेकिन कांग्रेस की इस सफलता ने राजनीतिक तकरार भी तेज कर दी है। यात्रा के दौरान उमेश पटेल के जीप पर बैठने की एक तस्वीर को लेकर भाजपा समर्थकों ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि वाहन पर लगे पोस्टर में अशोक चक्र का अपमान किया गया है।

कांग्रेस की सफाई

कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जीप पर लगे पोस्टर में किसी भी स्थिति में अशोक चक्र नहीं दर्शाया गया है। अशोक चक्र गहरे नीले रंग का होता है, जिसमें 24 तीलियाँ होती हैं और यह भारतीय ध्वज में मध्य पट्टी पर अंकित होता है। जबकि यात्रा के पोस्टर में स्याही लगी तर्जनी उंगली को आसमानी रंग के गोल घेरे में दिखाया गया है, जो सिर्फ मतदान अधिकार का प्रतीक है। कांग्रेस ने कहा कि इस चिन्ह का राष्ट्रीय प्रतीक से कोई संबंध नहीं है और इसे अशोक चक्र बताना पूरी तरह भ्रामक दावा है।

राजनीतिक तकरार गहराई

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा, यात्रा की अभूतपूर्व सफलता और उमेश पटेल की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर झूठे विवाद खड़ा कर रही है। उनका कहना है कि यह विवाद कांग्रेस की सकारात्मक छवि को धूमिल करने की निराशाजनक कोशिश है।

फिलहाल, यह मामला रायगढ़ से प्रदेश की राजनीति में गरमा गया है। एक ओर जहां कांग्रेस इसे जनता के अधिकारों के लिए जनसैलाब बता रही है, वहीं भाजपा सोशल मीडिया पर नए सवाल खड़े कर रही है।

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