रायपुर। राजधानी में पर्स स्नेचिंग की वारदात को अंजाम देने वाले तीन नाबालिग बालकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। आरोपियों के कब्जे से स्नेचिंग किया गया पर्स, 1,000 रुपये नगदी, पीड़िता के दस्तावेज और घटना में प्रयुक्त एक्टिवा वाहन बरामद किया गया है। तीनों बालकों ने अपराध स्वीकार कर लिया है।
कैसे हुआ खुलासा?

10 सितंबर की शाम करीब 6:30 बजे गुढ़ियारी थाना क्षेत्र की जनता कॉलोनी में यह वारदात हुई थी। पीड़िता सविता राय पैदल घर जा रही थी, तभी एक्टिवा पर सवार तीन बदमाशों ने उसका पर्स छीन लिया। स्नेचिंग के दौरान वह नीचे गिर गई, जिससे उसके सिर और नाक में चोट लगी। पर्स में नगदी और कागजात थे।
पीड़िता की शिकायत पर थाना गुढ़ियारी में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
सीसीटीवी और मुखबिर से मिली अहम जानकारी
एसएसपी के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना गुढ़ियारी की संयुक्त टीम ने मामले की जांच शुरू की। टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया, पीड़िता व आसपास के लोगों से पूछताछ की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। मुखबिर से मिली सूचना और वाहन की पहचान के आधार पर तीन नाबालिग बालकों को पकड़ा गया।
कबूल किया अपराध
पूछताछ में तीनों ने वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की। उनके पास से पर्स, नगदी, दस्तावेज और एक्टिवा जब्त किया गया।
जांच टीम में शामिल अधिकारी
इस कार्रवाई में निरीक्षक बी.एल. चंद्राकर, प्रभारी निरीक्षक परेश पांडेय, उपनिरीक्षक सतीश पुरिया, प्र.आर. कुलदीप द्वेदी, प्रमोद वर्थी, म.प्र.आर. बसंती मौर्य, आर. संदीप सिंह, वीरेन्द्र बहादुर, हिमांशु राठौड़, रविशंकर तिवारी और घनश्याम तिवारी की अहम भूमिका रही।























