5 राज्यों में कम चरण और कड़ी सुरक्षा के साथ होंगे विधानसभा चुनाव, जल्द आएगा शेड्यूल
नई दिल्ली देश के पाँच राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की घोषणा अगले सप्ताह किए जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग 15 मार्च के बाद कभी भी चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव कार्यक्रम जारी कर सकता है। इस बार चुनाव कम चरणों में और अधिक केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ कराए जाने की तैयारी है।
जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2021 के चुनाव कार्यक्रम की तुलना में इस बार चरणों की संख्या घटाई जा सकती है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) की बड़ी संख्या में तैनाती की योजना बनाई जा रही है।
पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की गई थी, जिसमें लगभग 6.4 करोड़ मतदाता शामिल हैं। इस सूची के खिलाफ अपील दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 मार्च निर्धारित की गई है। वहीं अन्य चुनावी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश—असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी—में मतदाता सूची के खिलाफ अपील की समय सीमा पहले ही समाप्त हो चुकी है।
सूत्रों के अनुसार, आगामी चुनावों में पश्चिम बंगाल और असम में बहु-चरणीय मतदान हो सकता है, जबकि तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में चुनाव कराए जाने की संभावना है। 2021 में पश्चिम बंगाल में आठ चरणों, असम में तीन चरणों और तमिलनाडु, केरल व पुडुचेरी में एक-एक चरण में मतदान हुआ था।
कम समय में चुनाव संपन्न कराने के लिए सुरक्षा बलों की संख्या में भी बढ़ोतरी की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि चुनावों के दौरान तैनात होने वाली सीएपीएफ कंपनियों की संख्या जम्मू-कश्मीर में 2024 के विधानसभा चुनावों के दौरान तैनात 1500 कंपनियों से भी अधिक हो सकती है, जिनमें करीब 1.4 लाख सुरक्षाकर्मी शामिल थे। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में करीब 500 सीएपीएफ कंपनियां (लगभग 45 हजार कर्मी) अग्रिम रूप से तैनात की जा चुकी हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है, इसलिए राज्य में मतदान की प्रक्रिया अप्रैल से लेकर मई के शुरुआती दिनों तक चलने की संभावना है। इस बीच, कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर लगभग 60 लाख संदिग्ध मतदाता मामलों की जांच और निपटारा भी जारी है, जिसमें न्यायाधिकरणों के समक्ष अपील का अवसर उपलब्ध रहेगा।
इसी क्रम में चुनाव आयोग ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों के लिए रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति से संबंधित अधिसूचना भी जारी कर दी है। राज्य सरकार ने आयोग के अनुरोध पर आवश्यक वरिष्ठता वाले अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर सहमति दे दी है।
























