
बेमेतरा टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिले में चल रहा 100 दिवसीय विशेष अभियान अब जमीनी स्तर पर असर दिखाने लगा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा साजा विकासखंड के देवकर और अकलवारा में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों की जांच और जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं।
इस अभियान के तहत उच्च जोखिम वाले लोगों की पहचान कर आधुनिक तकनीक से स्क्रीनिंग की जा रही है। शिविर में हैंड-हेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के जरिए 271 लोगों की जांच की गई, जबकि 33 संदिग्ध मरीजों के सैंपल ट्रू-नाट मशीन से परीक्षण के लिए लिए गए।
अभियान की खास बातें
- घर-घर सर्वे के जरिए पहले से ही लोगों को जागरूक किया गया
- आधुनिक एक्स-रे मशीन से निःशुल्क जांच सुविधा
- संदिग्ध मरीजों की तत्काल सैंपल जांच प्रक्रिया
- स्वास्थ्य टीम, मितानिन और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने न केवल जांच की, बल्कि लोगों को टीबी के लक्षण, उपचार और बचाव के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। गांवों में पहले से चलाए गए जनजागरूकता अभियान के कारण शिविरों में लोगों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली।
अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के शिविरों के जरिए टीबी के मामलों की समय पर पहचान कर इलाज शुरू किया जा सकता है, जिससे बीमारी पर नियंत्रण पाना आसान होगा।
कुल मिलाकर, यह अभियान सिर्फ जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी के जरिए जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।



















