
हेल्थ आईडी का महाकुंभ: 90 करोड़ ABHA अकाउंट बनाकर भारत ने रचा डिजिटल इतिहास
नई दिल्ली। भारत ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत देशभर में 90 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) बनाए जा चुके हैं। यह उपलब्धि देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा संचालित इस मिशन की खास बात यह है कि बनाए गए कुल ABHA अकाउंट्स में लगभग 49.75 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती डिजिटल पहुंच को दर्शाता है।
राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश 15.3 करोड़ से अधिक ABHA अकाउंट के साथ देश में शीर्ष स्थान पर है। इसके बाद राजस्थान और महाराष्ट्र में 7.1-7.1 करोड़, बिहार में 6.3 करोड़ तथा पश्चिम बंगाल में 5.9 करोड़ से अधिक हेल्थ अकाउंट बनाए गए हैं। मध्य प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी नागरिकों ने इस पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।
विशेष रूप से अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, लद्दाख, लक्षद्वीप तथा दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव जैसे केंद्रशासित प्रदेशों ने अपने निर्धारित लक्ष्यों को पूरी तरह हासिल कर लिया है।
ABHA एक यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी है, जिसके माध्यम से नागरिक अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रख सकते हैं। इससे डॉक्टरों, अस्पतालों और मरीजों के बीच स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का आदान-प्रदान आसान होता है और उपचार प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 90 करोड़ ABHA अकाउंट का आंकड़ा पार करना केवल एक सांख्यिकीय उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। आने वाले वर्षों में यह व्यवस्था स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ और तकनीक-सक्षम बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।



















