
वॉशिंगटन/तेहरान
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने बुधवार को ईरान के तटीय रक्षा ठिकानों और मिसाइल साइटों पर नए हवाई हमले किए। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ईरानी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई है।
हमलों के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे अपने अस्तित्व की लड़ाई बताया और क्षेत्रीय ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करने वाले कदम उठाने की चेतावनी दी। दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव से पूरे पश्चिम एशिया में हालात और गंभीर हो गए हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में जारी संघर्ष का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
हालांकि कुछ दिन पहले अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावना जताई गई थी, लेकिन लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाइयों ने कूटनीतिक प्रयासों को झटका दिया है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है।



















