
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सलिहा वन परिक्षेत्र के धनसिर बीट अंतर्गत मुनिचुआं क्षेत्र में वनभूमि पर कथित अवैध कब्जा और बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि तालाब और बांधा के आसपास कई एकड़ जंगल साफ कर खेती के लिए जमीन तैयार की जा रही है, जबकि वन विभाग कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है।
ग्रामीणों ने लगाए संरक्षण के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोगों ने वनभूमि पर कब्जा कर बड़ी संख्या में पेड़ काट दिए हैं। उनका आरोप है कि यह सब स्थानीय वन अधिकारियों के संरक्षण में हो रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमण और बढ़ गया।
करंट वाली तारबंदी से खतरे की आशंका
ग्रामीणों के अनुसार, जंगल के भीतर अवैध रूप से सीमांकन कर तारबंदी की गई है और कई स्थानों पर करंट प्रवाहित तार लगाए गए हैं। उनका दावा है कि पिछले वर्ष करंट की चपेट में आने से कई गाय और बकरियों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद अवैध तारबंदी नहीं हटाई गई, जिससे लोगों और मवेशियों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।
वन विभाग ने दोबारा कार्रवाई का दिया भरोसा
धनसिर बीट प्रभारी ऋषि दुबे ने बताया कि पहले भी अवैध कटाई के मामले में कार्रवाई की गई थी। उनके अनुसार, करीब 520 पेड़ों की कटाई का प्रकरण दर्ज कर लगभग 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। उन्होंने कहा कि अब दोबारा सभी अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर वनभूमि को कब्जामुक्त कराया जाएगा और वहां पौधरोपण भी कराया जाएगा।
ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से अवैध कब्जा हटाने, पेड़ों की कटाई रोकने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब इस मामले में वन विभाग की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



















