
नई दिल्लीवेनेजुएला में आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। देश के उत्तरी-मध्य हिस्से में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। पहला झटका 7.2 तीव्रता का था, जिसके महज 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप आया। इसे पिछले 126 वर्षों की सबसे बड़ी आपदा माना जा रहा है।
भूकंप का असर राजधानी काराकास समेत कई शहरों में देखने को मिला, जहां इमारतों, घरों और सार्वजनिक ढांचों को गंभीर नुकसान पहुंचा। कई स्थानों पर भवन ढहने और एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। राहत एवं बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मृतकों और घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 188 से अधिक लोगों की मौत और 1500 से ज्यादा लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
इस आपदा के बाद दुनिया के कई देशों ने मदद का हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वेनेजुएला में आई इस त्रासदी पर दुख जताते हुए प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है।
बताया जा रहा है कि भारत सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए संबंधित एजेंसियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। भारत की इस पहल को वैश्विक आपदा प्रबंधन और मानवीय सहयोग में उसकी बढ़ती भूमिका के रूप में देखा जा रहा है।

















